Impartial probe: श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे 250 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग, 10 दिन का दिया समय

SGPC जांच समिति की रिपोर्ट पर सवाल, पूर्व सिख न्यायाधीश की अध्यक्षता में नई कमेटी बनाने की मांग

Impartial probe: अकाली दल (पुनर सुरजीत) और विभिन्न सिख जथेबंदियों के प्रतिनिधियों ने श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचकर एक महत्वपूर्ण मांग पत्र सौंपा है। इस प्रतिनिधिमंडल में लगभग 250 सदस्य शामिल थे, जिनमें 25 से अधिक सिख संस्थाओं और SGPC के प्रतिनिधि शामिल थे।

​मीडिया से बातचीत करते हुए प्रतिनिधिमंडल के नेता ने बताया कि हाल के दिनों में अकाली नेताओं द्वारा की गई एक बड़ी साजिश उजागर हुई है। आरोप है कि बहरीन से एक महिला को बुलाकर किसी व्यक्ति का चरित्र हनन (Character Assassination) करने का प्रयास किया गया था। उक्त महिला के बयान के अनुसार, अकाली नेता विरदोहा और यूथ विंग के अध्यक्ष सरबजीत के निर्देशों पर SGPC अध्यक्ष ने उस महिला को 8 महीनों तक हर तरह की सुविधाएं, रहने की व्यवस्था और गुरु की गोलक का पैसा दिया।

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Impartial probe: निष्पक्ष जांच करने में असमर्थ

​नेता ने कहा कि इस पूरे षड्यंत्र और साजिश की पड़ताल के लिए SGPC द्वारा जो जांच समिति गठित की गई थी, उसकी रिपोर्ट पूरी तरह से झूठी और विरोधाभासी (Self-contradictory) साबित हुई है। उनका आरोप है कि SGPC द्वारा बनाई गई समिति निष्पक्ष जांच करने में असमर्थ रही है और उसने सच्चाई को छुपाने की कोशिश की है।

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प्रतिनिधिमंडल

​इसी के विरोध में श्री अकाल तख्त साहिब को एक ‘रिमाइंडर पत्र’ (Reminder Letter) सौंपा गया है। प्रतिनिधिमंडल की मांग है कि इस पूरे मामले की पारदर्शी जांच के लिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के किसी पूर्व सिख न्यायाधीश (Retired Sikh Justice) की अध्यक्षता में एक नई निष्पक्ष जांच समिति का गठन किया जाए, ताकि षड्यंत्र के पीछे के असली तथ्यों और चेहरों को सामने लाया जा सके।

​प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस विषय पर कार्रवाई के लिए 10 दिनों का समय दिया गया है। इसके साथ ही यह संभावना भी जताई गई है कि आगामी बैठक के दौरान SGPC अध्यक्ष स्वयं वहां उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकते हैं।

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