Rampur Congress Memorandum: रामपुर में कांग्रेस नेताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन, SIR और मतदाता सूची की जांच की मांग
Rampur Congress Memorandum: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर रामपुर के कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण), मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर उठाए जा रहे सवालों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी निर्वाचन व्यवस्था लोकतंत्र की आधारशिला है। निर्वाचन आयोग की संवैधानिक भूमिका को देखते हुए उसकी कार्यप्रणाली और निर्णयों में जनता का विश्वास बनाए रखना जरूरी है। ज्ञापन में दावा किया गया कि SIR तथा मतदाता सूची में नामों के कथित बदलाव को लेकर राजनीतिक दलों और नागरिकों की ओर से आपत्तियां उठाई गई हैं।

कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम उचित प्रक्रिया और पर्याप्त अवसर दिए बिना मतदाता सूची से नहीं हटाया जाए। साथ ही मतदाता सूची में किए गए बदलावों का निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत सत्यापन कराने और जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें सूचना, आपत्ति और सुनवाई का अवसर देने की मांग की गई।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के संबंध में जांच की मांग
ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के संबंध में उठाए गए आरोपों और सवालों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही निर्वाचन आयोग के उन निर्णयों की संवैधानिक एवं कानूनी समीक्षा की मांग की गई, जिन पर राजनीतिक दलों और नागरिकों की ओर से आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि स्वतंत्र जांच में किसी व्यक्ति या अधिकारी द्वारा कानून अथवा संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाए। कांग्रेस नेताओं ने यह भी मांग रखी कि यदि जांच में मुख्य निर्वाचन आयुक्त की भूमिका निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित करने या किसी राजनीतिक पक्ष को अनुचित लाभ पहुंचाने में साबित होती है, तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में कुल आठ प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें SIR प्रक्रिया की जांच, मतदाता सूची में हुए बदलावों का सत्यापन, पात्र मतदाताओं के मताधिकार की सुरक्षा, निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और राजनीतिक दलों की सहभागिता सुनिश्चित करना शामिल है।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति को पूर्वाग्रह के आधार पर दोषी ठहराना नहीं, बल्कि स्वतंत्र जांच के माध्यम से तथ्यों को सामने लाना और निर्वाचन व्यवस्था में जनता के विश्वास को मजबूत करना है।
इस दौरान संजीव आर्या, संजय कपूर, मुतिउर रहमान खां, बाकर अली खां, प्रमिल कुमार शर्मा, आमिर कुरैशी, गुरबाज सिंह, जीवेन्द्र गंगवार, मोहम्मद यूसुफ, आसिफ खां, रवि टंडन, मोसिन अंसारी, लइक अहमद बाबू, मुकर्रम, जयदीप द्विवेदी, बद्री प्रसाद मौर्य, शकील मंसूरी, शरीब अली खां, नोमान मुमताज खां, मोहम्मद जकी, डॉ. जफर अहसान खां राजू, दुर्गेश मौर्य, कपिल चौधरी, अजीव सिंह, शानू खां, साहिर रजा खां, इरफान पाशा, जमील मियां, देवकीनंदन, राजेंद्र सिंह मिंटू सहित अन्य कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
