अम्बेडकर नगर। विद्युत वितरण खंड अकबरपुर में भ्रष्टाचार का करंट इस कदर फैला कि ग्रामीणों से लेकर अधिकारियों तक सब सकते में हैं। ग्राम जैसिंहपुर दान्दूपुर निवासी प्रमोद कुमार सिंह ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत पर विभागीय स्तर पर दो सदस्यीय जांच समिति गठित की गई, जिसमें सजय कुमार और श्रीमती प्रीती शामिल थे। समिति ने पूरे 16 बिंदुओं पर जांच की। लेकिन जांच पूरी होने के बावजूद रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं की गई। इससे लोगों में विभाग की मंशा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
इस बीच आरोप है कि संबंधित जेई (जूनियर इंजीनियर) कार्रवाई के बजाय शिकायतकर्ता को ही समझाने और दबाव बनाने में जुट गए हैं। शिकायतकर्ता प्रमोद कुमार सिंह का कहना है कि,
“अगर मेरे साथ कोई अनहोनी होती है तो उसकी जिम्मेदारी पूरा बिजली विभाग की होगी।”
ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला आम लोगों से सीधे जुड़ा है और पारदर्शिता की उम्मीद में दर्ज की गई शिकायत को “लाइन फॉल्ट” बताकर दबाने की कोशिश की जा रही है।
लोग तंज कसते हुए कह रहे हैं कि –
“ये जांच रिपोर्ट भी उसी ट्रांसफार्मर की तरह है, जो जलकर उड़ जाती है लेकिन बदलने में छह महीने लगते हैं।”
अब देखना होगा कि उच्च अधिकारी इस पूरे प्रकरण पर सख्ती दिखाते हैं या फिर मामला फाइलों के अंधेरे में ही दबा रह जाएगा।
