रामपुर। थाना शहजादनगर क्षेत्र स्थित मोदी जीरॉक्स फैक्ट्री में शनिवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब सात मजदूरों के परिजन फैक्ट्री गेट पर पहुंच गए और आरोप लगाया कि उनके परिजनों को शुक्रवार से फैक्ट्री परिसर में बंधक बनाकर रखा गया है। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और फैक्ट्री गेट पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर शहजादनगर पुलिस मौके पर पहुंची और फैक्ट्री परिसर में मौजूद सात मजदूरों को बाहर निकलवाकर स्थिति को शांत कराया।
परिजनों का आरोप है कि उनके परिजनों को शुक्रवार से फैक्ट्री के अंदर ही रोक लिया गया था और उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा था। इस सूचना के बाद शनिवार सुबह से ही परिजन फैक्ट्री गेट पर डटे रहे और मजदूरों को बाहर निकालने की मांग करते हुए हंगामा करने लगे। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मजदूरों को फैक्ट्री से बाहर निकाला गया।
21 साल से नौकरी कर रहे कर्मचारी ने लगाए गंभीर आरोप
मामले में शहजादनगर थाना क्षेत्र के ग्राम कमोरा निवासी हिमांचल ने पुलिस को तहरीर देकर फैक्ट्री प्रबंधन के कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हिमांचल ने बताया कि वह पिछले करीब 21 वर्षों से मोदी कंपनी में स्टाफ के लिए भोजन बनाने का कार्य कर रहा है।
हिमांचल के अनुसार 17 जुलाई 2026 को कंपनी के कुछ अधिकारियों ने उसे फोन कर कार्यालय बुलाया। वहां पहुंचने पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उसे नौकरी से निकालने की बात कही गई। पीड़ित का आरोप है कि अधिकारियों ने कहा कि अब उसकी जगह किसी उच्च जाति के युवक से खाना बनवाया जाएगा।
हिमांचल का कहना है कि उसने अधिकारियों से अपनी नौकरी बनाए रखने की काफी विनती की, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। इसके बाद उसने कंपनी में जमा अपने भविष्य निधि (फंड) के 20 लाख 50 हजार रुपये की मांग की।
मारपीट, जबरन हस्ताक्षर और बंधक बनाने का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि फंड की रकम मांगने पर कंपनी के कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की, जबरन कुछ कागजात पर हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया और जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, उसे कंपनी परिसर में ही बंधक बनाकर रखा गया।
हिमांचल का कहना है कि वह किसी तरह वहां से निकलकर अपने घर पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी। इसके बाद परिजन अन्य कर्मचारियों के परिवारों के साथ फैक्ट्री पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
अन्य कर्मचारियों को भी हटाने की तैयारी का आरोप
हिमांचल ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि फैक्ट्री प्रबंधन लंबे समय से कार्यरत कुछ अन्य कर्मचारियों को भी नौकरी से निकालने की तैयारी कर रहा है। उनका कहना है कि कई कर्मचारी वर्षों से कंपनी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब उन्हें भी हटाने का दबाव बनाया जा रहा है।
कार्रवाई और बकाया भुगतान की मांग
पीड़ित ने शहजादनगर थाने में तहरीर देकर आरोपित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, बकाया भुगतान दिलाने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
हंगामे की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए फैक्ट्री परिसर से सात मजदूरों को बाहर निकाला। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों से जानकारी ली जा रही है। प्राप्त तहरीर के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
