वोट की खातिर सपा ने बदला अपना रंग, दलित समाज नहीं आएगा झांसे में : डॉ. निर्मल
डॉ. निर्मल का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- रंग बदलने से नहीं मिलेगा दलितों का भरोसा
Lucknow: डॉ. अम्बेडकर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सदस्य विधान परिषद डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने समाजवादी पार्टी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा अपने शुरुआती दौर से ही दलित विरोधी रही है और अब दलित वोट हासिल करने के लिए पार्टी अपनी छवि और रंग-रूप बदलने का प्रयास कर रही है।
डॉ. निर्मल ने कहा कि दलित समाज अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा सरकार के कार्यकाल और उस दौरान दलितों के साथ हुई कथित ज्यादतियों को भूला नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी के झंडे और पोस्टर पर बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर लगाने अथवा पार्टी नेताओं की ड्रेस का रंग लाल से नीला करने से दलित समाज सपा के साथ नहीं जुड़ जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान दलित वर्ग के अधिकारियों को पदावनत कर सामाजिक और मानसिक रूप से अपमानित किया गया। डॉ. निर्मल ने कहा कि केवल रंग बदलने से दलित समाज का भरोसा दोबारा हासिल नहीं किया जा सकता।
डॉ. निर्मल ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि रंग बदलने में उन्होंने गिरगिट को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान डॉ. आंबेडकर सहित बहुजन समाज के नायकों का समय-समय पर अपमान किया गया और दलित समाज को भी कथित तौर पर प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा कार्यकर्ताओं द्वारा दलितों की जमीनों पर कब्जे किए गए और गांवों में दलितों के लिए मुश्किलें पैदा की गईं। डॉ. निर्मल ने कहा कि दलित समाज अब योगी सरकार में खुद को खुशहाल महसूस कर रहा है और अखिलेश यादव दोबारा सत्ता हासिल करने के लिए दलित वोटों को साधने की कोशिश कर रहे हैं।
डॉ. निर्मल ने कहा कि केवल नेताओं की ड्रेस का रंग बदलने या पार्टी के पोस्टर में बदलाव करने से दलित समाज का विश्वास हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि दलित समाज राजनीतिक दलों के कामकाज और उनके पिछले रिकॉर्ड के आधार पर अपना निर्णय लेगा।
