सेवा का नहीं मिला उचित सम्मान – आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन
मानदेय वृद्धि मुख्यमंत्री सीएम के वादे के अनुरूप नहीं
Lucknow: अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ती का मानदेय 12000 रूपए और सहायिका का 6000 रूपए करने की घोषणा को आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन, सीटू ने अपर्याप्त बताया है।
कहा है कि यह मुख्यमंत्री महोदय के हैंडसम मानदेय देने की घोषणा के अनुरूप नहीं है। स्थिति यह है कि यह प्रदेश में अकुशल मजदूरों को दी जा रही न्यूनतम मजदूरी दर से भी कम है। आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की प्रदेश कोषाध्यक्ष बबीता ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि यह मानदेय वृद्धि आंगनबाड़ी की सेवा का उचित सम्मान नहीं है।
सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए और प्रदेश में प्रचलित न्यूनतम मजदूरी दर के बराबर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका को मानदेय देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का यह दावा भी खोखला है कि वह बेहतर पोषाहार दे रही है। जमीनी सच्चाई यह है कि सरकार द्वारा दिए जा रहे पोषाहार को आम लोग लेने को जमीनी स्तर पर तैयार नहीं दिख रहे हैं।
आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को रिटायरमेंट के बाद पेंशन और ग्रेच्युटी भुगतान करने की भी मांग की। इन सभी सवालों पर 20 सितंबर को लखनऊ में आयोजित सम्मेलन में चर्चा कर भविष्य की रणनीति तैयार की जाएगी।
