महिला जागृति सम्मेलन में गूंजी वैदिक विचारधारा की स्वर लहरियां

मोदीनगर, 25 अक्टूबर (एम.पी. भार्गव): आर्य समाज गोविंदपुरी, मोदीनगर के 74वें वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन महिला जागृति सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में देशभर से आईं महिला वक्ताओं ने “राष्ट्र का आधार – सुसंस्कारित नारी” और “कन्या गुरुकुलीय शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता” जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम में वैदिक आंदोलन की प्रखर प्रवक्ता प्रो. (डॉ.) अर्चना प्रिया आर्य ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने नारी उत्थान के जो कार्य किए हैं, उन्हें शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि आज पाश्चात्य संस्कृति समाज पर हावी होती जा रही है, जिसके कारण नवयुवतियाँ “लव जिहाद” जैसी समस्याओं का शिकार हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इसका एकमात्र समाधान यही है कि बच्चों को घर से ही सत्य सनातन वैदिक धर्म की शिक्षा दी जाए।

The sound waves of Vedic ideology resonated in the women's awakening conference.कार्यक्रम का संचालन कुमारी आद्या ने किया, जबकि अध्यक्षता प्रमुख समाजसेवी श्रीमती अनीता आर्य ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि आज नारी हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही है — चाहे वह सीमा सुरक्षा, पायलटिंग या ट्रेन संचालन का क्षेत्र हो, महिलाएं अब फर्श से अर्श तक पहुंच चुकी हैं। यह सब महर्षि दयानंद सरस्वती जी की उस वैचारिक क्रांति का परिणाम है, जिसने नारी को सम्मान और समानता का अधिकार दिया।

इस अवसर पर महिला समाज की मंत्री श्रीमती अनीता भाटिया ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में श्रीमती गीता त्यागी, श्रीमती नूतन मलिक, श्रीमती कुसुम, रेखा गोयल, राजकुमारी मलिक सहित अनेक समाजसेवी महिलाएं उपस्थित रहीं।

सम्मेलन का समापन वैदिक मंगलाचरण और “नारी सम्मान, राष्ट्र की शान” के उद्घोष के साथ हुआ

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.