उत्तर प्रदेश में BJP के 18वें प्रदेश अध्यक्ष का नाम 14 दिसंबर को होगा घोषित, कई दिग्गज नेता रेस में शामिल

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 18वें प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा 14 दिसंबर को की जानी है। नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज है। रेस में राज्य के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित कई दिग्गज नेताओं के नामों पर लगातार अटकलें लग रही हैं। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान ही करेगा।

BJP UP अध्यक्ष पद: कौन-कौन हैं दौड़ में?

पार्टी के केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े इस घोषणा के लिए लखनऊ पहुंचने वाले हैं। माना जा रहा है कि बीजेपी इस चयन के माध्यम से 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को साधने की रणनीति तैयार करेगी। इसी वजह से सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए एक प्रभावी नेतृत्व चुना जाएगा।

प्रदेश अध्यक्ष की रेस में जो नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं, उनमें—

केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री

पंकज चौधरी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री

स्वतंत्र देव सिंह, यूपी सरकार में जल शक्ति मंत्री

धर्मपाल सिंह, वरिष्ठ नेता

साध्वी निरंजन ज्योति, पूर्व केंद्रीय मंत्री

इसके अलावा कुछ राजनीतिक हलकों में पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के नामों की भी चर्चा है।

केशव प्रसाद मौर्य: मजबूत दावेदार

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को सबसे बड़ा चेहरा माना जा रहा है। 2017 में बीजेपी की प्रचंड जीत के समय वे प्रदेश अध्यक्ष थे। वे ओबीसी, खासकर कुर्मी-कुशवाहा समाज में मजबूत पैठ रखते हैं। बीजेपी एक बार फिर उन्हें यह जिम्मेदारी देकर विपक्ष के ओबीसी समीकरण को चुनौती देने की रणनीति अपना सकती है।

स्वतंत्र देव सिंह: साफ छवि और संगठन में पकड़

जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह एक कार्यकुशल और साफ छवि वाले नेता माने जाते हैं। हाल ही में बिहार चुनाव प्रचार में उनकी भूमिका को खूब सराहा गया। उनकी स्वीकार्यता और संगठनात्मक अनुभव उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाती है।

पंकज चौधरी: पूर्वांचल का मजबूत चेहरा

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और महाराजगंज के सांसद पंकज चौधरी को ओबीसी वोट बैंक को साधने के लिए एक प्रभावी विकल्प माना जा रहा है। पूर्वांचल में उनकी पकड़ पार्टी के लिए लाभदायक साबित हो सकती है।

बी.एल. वर्मा: पश्चिमी यूपी का प्रतिनिधित्व

मोदी सरकार में गृह राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा का नाम भी तेजी से चर्चा में है। वे पश्चिमी और मध्य यूपी में अच्छी पकड़ रखते हैं। चूंकि पीएम मोदी और सीएम योगी दोनों पूर्वी यूपी से आते हैं, ऐसे में संतुलन बनाए रखने के लिए बी.एल. वर्मा एक मजबूत विकल्प माने जा रहे हैं।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.