Ghaziabad: मोदीनगर खाद्य आपूर्ति विभाग एक्शन मोड में नजर आ रहा है। विभाग की एआरओ स्वेज पंवार ने अचानक शहर के राशन डीलरों की दुकानों पर पहुंचकर ताबड़तोड़ निरीक्षण किया। इस औचक निरीक्षण से राशन डीलरों में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान एआरओ स्वेज पंवार ने सीधे जनता से संवाद किया। उन्होंने राशन लेने आए उपभोक्ताओं से पूछताछ की कि कहीं उन्हें तय मात्रा से कम राशन तो नहीं दिया जा रहा? या राशन वितरण में किसी तरह की घटतौली तो नहीं हो रही?
लेकिन, इस चेकिंग के दौरान सरकारी दावों की एक बड़ी पोल भी खुल गई। नियम के मुताबिक, राशन वितरण के समय हर दुकान पर एक नोडल अधिकारी की ड्यूटी होती है, जिनकी निगरानी में उपभोक्ताओं को राशन बांटा जाना अनिवार्य है। मगर जमीनी हकीकत यह है कि मोदीनगर शहर के किसी भी राशन डीलर के यहां नोडल अधिकारी ड्यूटी पर नजर ही नहीं आते। जनता भगवान भरोसे राशन लेने को मजबूर है।
वहीं दूसरी तरफ, इस कार्रवाई के बाद मोदीनगर के राशन डीलरों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। डीलरों का साफ कहना है कि मोदीनगर शहर में कुल 48 राशन डीलर हैं। अगर जांच होनी है, तो सभी 48 दुकानों की होनी चाहिए।
डीलरों ने विभाग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा, “सिर्फ कुछ चुनिंदा राशन डीलरों को ही टारगेट क्यों किया जा रहा है? अगर जांच का पैमाना एक है, तो कानून भी सबके लिए बराबर होना चाहिए”। कुछ चुनिंदा दुकानों पर बार-बार चेकिंग करना और बाकियों को छोड़ देना, विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या खाद्य आपूर्ति विभाग सभी 48 दुकानों की निष्पक्ष जांच करेगा? और ड्यूटी से गायब रहने वाले नोडल अधिकारियों पर क्या कोई कार्रवाई होगी?
