- रिपोर्ट: नीरज मित्तल
फरीदाबाद। जिला कांग्रेस किसान सेल के अध्यक्ष एवं प्रवक्ता मास्टर ऋषिपाल ने कहा कि पहले हमारे बुजुर्गों ने अपनी मातृभूमि के लिए अंग्रेजों से संघर्ष किया था और अब किसानों को अपनी जमीन बचाने के लिए प्रशासन से लड़ाई लड़नी पड़ेगी। वे गांव बड़ौली–प्रहलादपुर में किसानों द्वारा दिए जा रहे धरने के दौरान किसानों और ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। यह धरना ग्रामीण वीरपाल गुर्जर के नेतृत्व में दिया जा रहा है।
मास्टर ऋषिपाल ने जिले के सभी किसानों से एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि बड़ौली, प्रहलादपुर और भतौला गांव के पीड़ितों का साथ देना जरूरी है, क्योंकि सरकार इन गांवों को उजाड़ने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि आज भले ही कुछ लोगों के मकान टूट रहे हों, लेकिन कल यह स्थिति किसी और के साथ भी हो सकती है। इसलिए इसे सिर्फ कुछ लोगों की लड़ाई न मानकर पूरे फरीदाबाद जिले के गांवों की लड़ाई समझा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बड़ौली, भतौला और फतेहपुर चंदीला एक ही विरासत से जुड़े गांव हैं, ऐसे में विपदा के समय सभी को एक-दूसरे का साथ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नेता किसी के नहीं होते, समाज ही अपना होता है और जब समाज पर संकट आता है तो सभी को आगे आना चाहिए।
किसान नेता ने किसानों से एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील करते हुए कहा कि जिस तरह तीन कृषि कानूनों को किसान आंदोलन के दबाव में वापस लिया गया था, उसी तरह यह लड़ाई भी जीती जाएगी और किसानों की जमीन सुरक्षित रहेगी।
मास्टर ऋषिपाल ने यह भी कहा कि फरीदाबाद से गुर्जर बिरादरी के दो मंत्री, एक विधायक और करीब 30–32 पार्षद हैं, इसके बावजूद यदि सत्ता में बैठे लोग अपनी ही बिरादरी के लोगों को उजड़ने से नहीं बचा पा रहे हैं, तो यह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे नेताओं को यह याद रखना चाहिए कि उन्हें जो सम्मान और ताकत मिली है, उसके पीछे समाज का बड़ा योगदान है।
धरने में मुख्य रूप से बलराज चंदीला, धनराज चंदीला, राहुल चंदीला, अजब सिंह नागर सहित सैकड़ों किसान और महिलाएं मौजूद रहीं।
