उचित दर विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी; संतोषजनक जवाब न मिलने पर होगी एफआईआर एवं अनुबंध निरस्तीकरण की कार्रवाई

उचित दर दुकान पर बड़ी कार्रवाई: अनियमितताओं, जांच टीम से अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने पर अनुबंध निलंबित

  • रिपोर्ट: शाहबाज़ खां

रामपुर: जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के निर्देश पर जनपद में माह जुलाई, 2026 के सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण की सतत निगरानी एवं औचक निरीक्षण अभियान के दौरान नगर क्षेत्र की एक उचित दर दुकान पर गंभीर अनियमितताएं एवं शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आने पर जिला पूर्ति अधिकारी पूरन सिंह चौहान के निर्देशन में विभाग द्वारा कठोर कार्रवाई की गई है।
जिला पूर्ति अधिकारी पूरन सिंह चौहान ने बताया कि क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी एवं पूर्ति निरीक्षक की संयुक्त जांच टीम ने 12 एवं 13 जुलाई, 2026 को मोहल्ला बजरिया मुल्ला जरीफ, नगर पालिका परिषद रामपुर स्थित उचित दर विक्रेता सय्यद आफताब अली की दुकान का औचक निरीक्षण किया।

प्रथम निरीक्षण के दौरान दुकान बंद मिली तथा सूचना दिए जाने के बावजूद विक्रेता जांच के लिए उपस्थित नहीं हुए। अगले दिन पुनः निरीक्षण के दौरान विक्रेता ने जांच टीम के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए अपशब्दों का प्रयोग किया, अपनी कथित ऊंची पहुंच का हवाला देकर जांच रोकने का प्रयास किया और अधिकारियों को परिणाम भुगतने की धमकी दी।

इस दौरान उनके परिवार के सदस्यों द्वारा भी जांच कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सहायता प्राप्त कर निरीक्षण की कार्रवाई पूर्ण कराई गई।

उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान दुकान पर स्टॉक एवं रेट बोर्ड, टोल फ्री नंबर, अंत्योदय कार्डधारकों की सूची सहित अन्य अनिवार्य सूचनाएं प्रदर्शित नहीं थीं। स्टॉक रजिस्टर का सक्षम अधिकारी से सत्यापन नहीं कराया गया था तथा वितरण प्रमाण-पत्र, निरीक्षण पुस्तिका एवं अन्य आवश्यक अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराए गए। दुकान की स्वीकृत चौहद्दी से संबंधित अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किए गए।

जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि भौतिक स्टॉक एवं ऑनलाइन एमआईएस रिकॉर्ड के मिलान में 0.86 कुंतल गेहूं अधिक तथा 1.309 कुंतल चावल कम पाया गया, जिससे खाद्यान्न वितरण में गंभीर अनियमितता की पुष्टि हुई। इसके अतिरिक्त दुकान पर निर्धारित एक के स्थान पर दो ई-वेटिंग मशीनें पाई गईं, जिससे घटतौली की आशंका भी प्रबल हुई।

उन्होंने बताया कि विक्रेता द्वारा जांच के दौरान बयान पर हस्ताक्षर करने से भी इंकार किया गया तथा जांच दल को लगातार धमकाते हुए शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई गई, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता-2023 के अंतर्गत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि इन सभी तथ्यों एवं गंभीर अनियमितताओं के आधार पर उचित दर विक्रेता सय्यद आफताब अली का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है तथा उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने पर अनुबंध निरस्त करते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 एवं भारतीय न्याय संहिता-2023 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि पात्र कार्डधारकों को खाद्यान्न वितरण में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए संबंधित उचित दर दुकान को अस्थायी रूप से शबाना खानम, उचित दर विक्रेता, मोहल्ला मदरसा कोना की दुकान से संबद्ध कर दिया गया है।

जिला पूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है। पात्र लाभार्थियों के अधिकारों से खिलवाड़ करने, जांच में सहयोग न करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने अथवा अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले किसी भी उचित दर विक्रेता के विरुद्ध कठोर विधिक एवं विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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