ऐलनाबाद 6 जून ( एम पी भार्गव ) नगर पालिका ऐलनाबाद द्वारा हाल ही में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर शहर में कई सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर नगर पालिका ने सड़कों और बाजारों से बोर्ड व अन्य सामान हटाकर कार्रवाई का दावा किया, वहीं दूसरी ओर अगले ही दिन छुट्टी होने के बावजूद कुछ लोगों को उनके बोर्ड वापस मिलने की चर्चा ने पूरे अभियान की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शहरवासियों का आरोप है कि नगर पालिका अतिक्रमण के नाम पर लोगों की पर्चियां काटकर वसूली कर रही है और कार्रवाई का उद्देश्य अतिक्रमण हटाने के बजाय राजस्व जुटाना बन गया है।
लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में अतिक्रमण हटाना ही मकसद है तो फिर बार-बार जुर्माना लेकर वही सामान वापस क्यों दिया जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस दिन नगर पालिका कार्यालय में अवकाश था, उस दिन लोगों को जब्त किए गए बोर्ड किसके आदेश पर और किस प्रक्रिया के तहत लौटाए गए।
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इस मामले को लेकर जब नगर पालिका सचिव से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि, “मुझे जानकारी नहीं है कि छुट्टी के दिन उक्त व्यक्ति को बोर्ड किसने दिए हैं। मैं इसकी जानकारी लेकर आपको बताता हूं।”
सचिव के इस बयान के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। यदि जिम्मेदार अधिकारी को ही जानकारी नहीं है तो फिर छुट्टी के दिन सरकारी कार्रवाई से जब्त सामान वापस कैसे दिया गया। शहरवासियों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि अतिक्रमण अभियान नियमों के अनुसार चलाया जा रहा है या फिर अतिक्रमण के नाम पर केवल पर्चियां काटकर लोगों से वसूली की जा रही है।
