बाराबंकी में डीएम सख्त: बिना डॉक्टर की सलाह मरीज न हों रेफर, बेसमेंट में चल रहे अस्पताल होंगे सील

बाराबंकी में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में बिना डॉक्टर की सलाह मरीजों को रेफर न करने, बेसमेंट में संचालित अस्पतालों पर कार्रवाई, एम्बुलेंस में जीवन रक्षक किट की उपलब्धता, सर्पदंश उपचार और स्कूलों में बच्चों की आंखों की जांच के निर्देश दिए।

  • रिपोर्ट- कपिल सिंह

बाराबंकी: कलेक्ट्रेट परिसर स्थित लोकसभागार में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले दुर्घटना प्रभावित व्यक्तियों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा गंभीर स्थिति होने पर ही चिकित्सकीय परीक्षण एवं संबंधित चिकित्सक की सलाह के उपरांत उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर किया जाए। बिना चिकित्सकीय परामर्श के किसी भी मरीज को रेफर न किया जाए।

उन्होंने कहा कि जनपद में संचालित सभी एम्बुलेंस में जीवन रक्षक किट एवं आवश्यक दवाएं हर समय उपलब्ध रहें तथा उनका समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक एम्बुलेंस में मरीज को उपचार के दौरान दी गई चिकित्सा का समुचित दस्तावेजीकरण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित एमओआईसी प्रत्येक 15 दिवस में एम्बुलेंसों का भौतिक सत्यापन कर उपलब्ध संसाधनों एवं सेवाओं की जांच सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में कोई भी अस्पताल बेसमेंट में संचालित नहीं होना चाहिए। ऐसे अस्पतालों के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई करते हुए यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक अस्पताल में अनिवार्य रूप से इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था उपलब्ध हो, जिससे आपातकालीन स्थिति में मरीजों एवं तीमारदारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सर्पदंश से होने वाली मृत्यु की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी ने व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्पदंश की घटना होने पर पीड़ित को बिना किसी विलंब के निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जाए तथा चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार पूर्ण उपचार के उपरांत ही अस्पताल से छुट्टी दी जाए।

उन्होंने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में एंटी वेनम किट उपलब्ध रखने के निर्देश देते हुए कहा कि लोग झाड़-फूंक जैसी अवैज्ञानिक पद्धतियों के बजाय तत्काल चिकित्सकीय उपचार प्राप्त करें। इस दौरान उन्होंने जनपद में एंटी वेनम किट की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा इस संबंध में निजी अस्पतालों के साथ भी बैठक आयोजित कर आवश्यक समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि जनपद के सभी प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की आंखों की जांच कराई जाए। दृष्टिदोष से प्रभावित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराए जाएं तथा विद्यालय एवं अभिभावकों के माध्यम से बच्चों को नियमित रूप से चश्मा पहनने के लिए प्रेरित किया जाए।

बैठक में संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा जनजागरूकता गतिविधियों में और तेजी लाने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम ने जिलाधिकारी को आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

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