Rampur: जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर रामपुर पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक ने थाना कोतवाली क्षेत्र में यातायात व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण कर प्रमुख मार्गों पर यातायात संचालन, सड़क सुरक्षा और स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान एक ई-रिक्शा में निर्धारित क्षमता से अधिक स्कूली बच्चों को बैठाकर ले जाते हुए पाया गया। पुलिस अधीक्षक ने तत्काल ई-रिक्शा को रुकवाकर चालक को यातायात नियमों का पालन करने और बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करने की सख्त हिदायत दी।

पुलिस अधीक्षक ने यातायात अधिकारियों और अधीनस्थ पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि क्षमता से अधिक स्कूली बच्चों को ले जाने वाले ई-रिक्शा और अन्य वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही स्कूल प्रबंधन और वाहन चालकों को सुरक्षित परिवहन एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। क्षमता से अधिक सवारी बैठाकर वाहन चलाना न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे बच्चों की जान भी गंभीर खतरे में पड़ सकती है। ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- IGRS रैंकिंग में उत्कृष्ट योगदान पर महिला कांस्टेबल सम्मानित

रामपुर के थाना भोट में तैनात महिला कांस्टेबल उर्मिता सिंह को जुलाई माह की IGRS रैंकिंग में थाना भोट को उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान दिलाने में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
थाना प्रभारी की ओर से महिला कांस्टेबल को उत्साहवर्धन के लिए नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। इस दौरान उनके कर्तव्यनिष्ठ, उत्कृष्ट और जनसेवामूलक कार्यों की सराहना की गई। अधिकारियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं भी दीं।
- बालश्रम के खिलाफ अभियान, दो बच्चों का रेस्क्यू

रामपुर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले में बालश्रम उन्मूलन को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना एएचटीयू, जिला चाइल्ड हेल्पलाइन, श्रम विभाग और बाल कल्याण समिति की संयुक्त टीम ने थाना सिविल लाइंस क्षेत्र में होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और कारखानों की जांच की।
अभियान के दौरान टीम ने मानव तस्करी, अनैतिक देह व्यापार, बाल विवाह और महिलाओं से संबंधित कानूनों के बारे में भी संचालकों एवं लोगों को जागरूक किया। चेकिंग के दौरान सिविल लाइंस क्षेत्र से दो बच्चों को रेस्क्यू कराया गया, जिसके बाद नियमानुसार विधिक कार्रवाई की गई।
टीम ने होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों को स्पष्ट हिदायत दी कि किसी भी स्थिति में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को काम पर न रखा जाए। अधिकारियों ने बताया कि बाल श्रम कराना दंडनीय अपराध है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
