मुरादनगर मेट्रो होम के अध्यक्ष अमित त्यागी और AOA सदस्यों पर छेड़छाड़ व मारपीट, मोबाइल लूट का मुकदमा दर्ज
अन्याय के खिलाफ मिनाक्षी और आशीष चौधरी की बड़ी जीत, पाप का घड़ा भरा, कोर्ट के आदेश से बैकफुट पर सोसायटी का कथित गैंग।
गाजियाबाद :- मुरादनगर मेट्रो होम सोसाइटी में दबंगई और मनमानी करने वालों के खिलाफ कानून का शिकंजा कस गया है। 22 अप्रैल को टॉवर A फ्लैट 12005 की निवासी, मिनाक्षी चौधरी के साथ हुई अभद्रता और उनके पति आशीष चौधरी के साथ की गई, हिंसक मारपीट के मामले में, माननीय अदालत ने कड़ा संज्ञान लिया है।
अदालत ने परिवाद स्वीकार करते हुए, मेट्रो होम्स सोसाइटी के अध्यक्ष, अमित त्यागी, राजू वासिष्ठ, AOA सदस्य शैलेश भारद्वाज, मनीष चौधरी, कुमुद त्यागी, अंशुल त्यागी, ज्ञानेंद्र त्यागी, उनकी धर्मपत्नियां
प्रियंका त्यागी पत्नी अमित त्यागी, शैलेश भारद्वाज धर्मपत्नी सलोनी शर्मा, राजू शर्मा की पत्नी रेनू त्यागी, ज्ञानेंद्र त्यागी की पत्नी अंशुल त्यागी, की धर्मपत्नी, कुमुद त्यागी और इनके गैंग के अन्य सदस्यों तकरीबन 13 लोगों के खिलाफ महिला से छेड़छाड़, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने जैसी। अत्यंत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया है।
सामने आया सच, उजागर हुआ अतीत
सोसाइटी के निवासियों को डरा-धमकाकर अपनी हनक कायम करने वाले। इन लोगों का असली चेहरा अब सबके सामने आ चुका है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस गुट में शामिल शैलेश भारद्वाज का आपराधिक इतिहास रहा है, जिस पर धोखाधड़ी धारा 420 के कई मामले दर्ज हैं। और वह पूर्व में जेल की हवा भी खा चुका है।
अब डरने की जरूरत नहीं
यह कार्रवाई इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। अब तक सोसाइटी में खौफ का माहौल बनाकर लोगों को डराने की कोशिश करने वाले यह दबंग असल में, कानून के आगे बेहद कमजोर साबित हुए हैं। पीड़ित परिवार के अटूट साहस ने यह साबित कर दिया कि यदि अन्याय के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई जाए, तो अत्याचार करने वाले पीछे हटने पर मजबूर हो जाते हैं।
कानूनी सूत्रों के अनुसार, इन आरोपियों के खिलाफ कई अन्य मामलों में भी जल्द ही नई प्राथमिकियां और मुकदमे दर्ज होने जा रहे हैं। सोसाइटी के निवासियों ने इस अदालती कार्रवाई का स्वागत करते हुए राहत की सांस ली है।
