- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
वाराणसी। चौबेपुर थाना क्षेत्र से एक महिला प्रकरण में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि एडीसीपी नम्रता श्रीवास्तव के निर्देश के बावजूद पांच दिन बीत जाने के बाद भी चौबेपुर थाना प्रभारी की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
पीड़िता का कहना है कि वह लगातार पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर रही है, लेकिन हर बार उसे केवल आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। महिला का दावा है कि उसके पास फोन पर हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है, जिसे वह अपने आरोपों के समर्थन में सबूत के तौर पर पेश कर सकती है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि महिला पहले से अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकित है, तो संबंधित मामले में समय रहते प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? क्या प्रशासन किसी अप्रिय घटना का इंतजार कर रहा है? यदि भविष्य में महिला के साथ कोई अनहोनी होती है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन तय करेगा?
अब निगाहें पुलिस प्रशासन पर हैं कि वह इस मामले में तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर पीड़िता को न्याय और सुरक्षा दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।
