मोदी जीरोक्स फैक्ट्री में मजदूरों को बंधक बनाने का आरोप निकला झूठा, पुलिस जांच में हुआ खुलासा
शहजादनगर पुलिस की जांच में बंधक बनाने के आरोप असत्य और निराधार पाए गए कंपनी और मजदूरों के बीच वेतन व नौकरी से निकाले जाने को लेकर चल रहा है विवाद
रामपुर। शहजादनगर थाना पुलिस ने मोदी जीरोक्स फैक्ट्री में मजदूरों को बंधक बनाए जाने के आरोपों की जांच पूरी कर ली है। पुलिस जांच में यह आरोप पूरी तरह असत्य और निराधार पाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, मोदी जीरोक्स फैक्ट्री पिछले कई वर्षों से बंद पड़ी हुई है। जांच में सामने आया कि फैक्ट्री में पहले कार्यरत रहे कुछ मजदूरों को कंपनी के अधिकारियों ने वार्ता के लिए बुलाया था। वर्तमान में भी कुछ कर्मचारी बंद पड़ी फैक्ट्री परिसर में मौजूद हैं।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि कंपनी और मजदूरों के बीच वेतन के भुगतान तथा नौकरी से निकाले जाने को लेकर विवाद चल रहा है। पुलिस का कहना है कि फैक्ट्री प्रबंधन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से मजदूरों को बंधक बनाए जाने के आरोप लगाए गए थे।
शहजादनगर पुलिस ने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी मजदूर को बंधक बनाए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने कहा कि लगाए गए आरोप तथ्यहीन एवं निराधार हैं।
