पुरानी साड़ी से नए परिधान तक, महिलाओं को हुनर से जोड़ने की पहल
भागलपुर से शुरू हुआ नायाब स्टोर अब पटना पहुंचा, कस्टमाइजेशन और प्रशिक्षण पर जोर
Patna : पुराने कपड़ों को दोबारा उपयोग में लाने और महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण के जरिए आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बीच भागलपुर से शुरू हुआ नायाब स्टोर अब पटना में भी शुरू हुआ है। वर्ष 2018 में भागलपुर से इसकी शुरुआत हुई थी। पटना में खुले नए केंद्र में फैशन से जुड़े परिधानों के साथ कस्टमाइजेशन, टेलरिंग और प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों को भी शामिल किया गया है।
नायाब स्टोर की डायरेक्टर आनंदमयी हैं। इसकी ओनर लीना दूबे और पिंकी सिंह हैं। स्टोर में महिलाओं के लिए साड़ी, कुर्ती, दुपट्टा और ब्राइडल लहंगा समेत विभिन्न परिधान उपलब्ध हैं। इसके साथ ही हैंडमेड और फैशन एक्सेसरीज भी तैयार की जाती हैं।
पुराने कपड़ों के इस्तेमाल पर जोर
नायाब स्टोर की एक पहल पुराने कपड़ों को नए रूप में इस्तेमाल करने से जुड़ी है। घर में रखी पुरानी साड़ी या अन्य कपड़ों को ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार नए परिधान में तैयार करा सकते हैं। डिजाइन, फिटिंग और जरूरत के मुताबिक इनमें बदलाव किया जा सकता है।

स्टोर से जुड़े लोगों का कहना है कि इस तरह पुराने कपड़ों को दोबारा इस्तेमाल में लाने के साथ लोगों को अपनी पसंद के अनुसार परिधान तैयार कराने का विकल्प मिलता है।
टेलरिंग और कस्टमाइजेशन की सुविधा
यहां टेलरिंग और कस्टमाइजेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। ग्राहक कपड़ों की सिलाई, फिटिंग और डिजाइन में अपनी जरूरत के अनुसार बदलाव करा सकते हैं। इसका उद्देश्य तैयार कपड़ों के साथ व्यक्तिगत पसंद के अनुरूप परिधान तैयार करने का विकल्प उपलब्ध कराना है।
महिलाओं को प्रशिक्षण देने की योजना
नायाब स्टोर की डायरेक्टर आनंदमयी के अनुसार, महिलाओं और आसपास के लोगों को अलग-अलग हुनर की ट्रेनिंग से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसके जरिए महिलाओं को कौशल विकसित करने और आगे रोजगार के अवसर तलाशने में मदद देने का प्रयास है।
महिलाओं को सिलाई, डिजाइन और हस्तनिर्मित उत्पादों से जुड़े कार्यों का प्रशिक्षण देकर उन्हें अपने हुनर के जरिए आगे बढ़ने का अवसर देने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
स्टोर में कैफे की भी व्यवस्था
नायाब स्टोर परिसर में एक Experience Café भी बनाया गया है। यहां आने वाले लोगों के लिए स्नैक्स और ड्रिंक्स की व्यवस्था है। स्टोर प्रबंधन के अनुसार, इसका उद्देश्य खरीदारी के साथ लोगों को बैठने और समय बिताने की सुविधा उपलब्ध कराना है।
भागलपुर से शुरू हुई यह पहल अब पटना तक पहुंची है। नए केंद्र के जरिए फैशन और कस्टमाइजेशन के साथ पुराने कपड़ों के पुन: उपयोग तथा महिलाओं के कौशल विकास को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
