UP के मिर्ज़ापुर में हुआ बड़ा हादसा, ट्रक की टक्कर से बोलोरो एवं स्वीफ्ट डिजायर कार में लगी आग 9 लोग जिंदा जले, ट्रक चालक और खलासी की भी हुईं मौत

*बोलोरो जलकर हुई राख मचा अफरा तफरी,11 मौतों से दहली घाटी

  • रिपोर्ट- विकास कुमार अग्रहरि

मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर जिले से एक दिल दहला देने वाली बड़ी दुर्घटना सामने आई है। यहां ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत घाटी में बुधवार की रात तकरीबन 8 बजे एक बड़ा हादसा होने के बाद हड़कंप मच गया, मध्य प्रदेश की ओर चना लाद कर आ रहे ट्रक संख्याः MP15HA3775 द्वारा बोलेरो वाहन संख्याः UP63AC5589, स्वीफ्ट डिजायर कार संख्याः UP65MT4038, में पीछे से टक्कर मार दी गई जिससे दोनों वाहन आगे जा रहे गिट्टी लदे ट्रेलर संख्याः BR 24GC7990 से टकरा गएं।
परिणामस्वरूप बोलेरो और स्वीट डिजायर कार में आग लग गई। बोलोरो धूं-धूं कर जलकर मौके पर ही ख़ाक हो गई, तो वहीं ट्रक चालक और खलासी गंभीर रुप से घायल हो गए, जिनमें से चालक को किसी तरह से बाहर निकालकर उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया जबकि ट्रक के अंदर फंसे हुए खलासी को ट्रक के केबिन से बाहर निकालने की कवायद होती रही है जिसकी बाद में मौत हो गई। वहीं चालक को उपचार के लिए अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसने दम तोड़ दिया है।
घटना के बाद वाराणसी-रीवा (मध्यप्रदेश) हाइवे पर लगा लंबा जाम लगा होने के साथ ही, दुर्घटना का मंज़र देख लोग दहल उठे थें, वहीं राहत व बचाव कार्य में पुलिस व स्थानीय लोग जुटे हुए रहे हैं।
बताया जा रहा है कि मध्य-प्रदेश की ओर से आ रहे ट्रेलर-ट्रक और बोलेरो-स्वीट डिजायर कार, जैसे ही ड्रमंडगंज घाटी के बड़का घुमान मोड़ पर पहुंचे ही थे कि गिट्टी लदे ट्रेलर के पीछे लगे बोलोरो में उसके पीछे आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। जिससे बोलोरो और स्वीफ्ट डिजायर कार ट्रेलर से टकराकर आग का गोला बन गई। और देखते ही देखते धूं-धूं कर जलने लगे। इसमें बोलोरो पूरी तरह से जलकर राख हो गया जिससे यह पता लगा पाना कठिन हो रहा था कि उसमें कितने लोग सवार रहे होंगे। आशंका जताई जा रही है कि बोलोरो में 8 लोग सवार थे जिनमें से किसी को भी बचाया नहीं जा सका है। सभी सवार जलकर राख हो चुके थे, बोलोरो में जलकर मरने वालों में दो महिलाओं,दो बच्चों सहेत कुल 8 लोगों के जलकर दम तोड़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं कार में सवार चालक ने भी जलकर दम तोड़ दिया था जिसकी पहचान जयप्रकाश सोनभद्र के रुप में होनी बताई जा रही है। जबकि ट्रक चालक और खलासी की भी मौत हो चुकी है इस प्रकार से जिंदा जले लोगों सहित कुल 11 लोगों की मौत होनी बताई गई है।

हाइवे पर बिखरे चना और धूं-धूं कर जलते लोगों को देख बेबस नज़र आएं लोग

दुर्घटना के बाद ट्रक पर लदे चना की बोरियां पूरी तरह से बिखर कर सड़क पर फैल गई थीं वहीं ट्रक के केबिन में फंसे चालक को किसी तरह पुलिस ने बाहर निकाल उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया है तो खलासी को बाहर निकालने के प्रयास चल रहे थे कि चालक के साथ उसकी भी मौत की खबर आई। ड्रमंडगंज घाटी में हुए इस भीषण हादसे के बाद हाइवे पर बिखरे चना और धूं-धूं कर जलते लोगों को देख बेबस नज़र आएं लोग चाहकर भी जलते बोलोरो और कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने से रहें हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग का गोला बन चुकी कार और बोलोरो ने मौका ही नहीं दिया कि वाहन में फंसे लोगों को कोई बाहर निकाल पाते। और ना ही दोनों वाहनों में सवार लोगों को मौका मिला कि वह बाहर निकल पाते।

ट्रक का ब्रेक फेल होने से हादसे की जताई गई आशंका—

प्रथम दृष्टया ट्रक का ब्रेक फेल होने से दुर्घटना होना बताया जा रहा है। फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी रहा है। रात का अंधेरा और फायर बिग्रेड के पहुंचने में विलंब के कारण आग बुझाने में लोगों को पसीने छूट रहे थें।

सीएम योगी ने लिया संज्ञान जताया शोक

9 लोगों के जिंदा जलकर दम तोड़ने सहित कुल 11 लोगों की मौत से हर कोई दहल उठा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मिर्जापुर सड़क हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतकों के शोक संतृप्त परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए सीएम ने अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

डीएम-एसपी सहित अन्य अधिकारियों ने किया मौका मुआयना

भीषण हादसे की जानकारी होने पर मौके पर जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक, क्षेत्राधिकारी मंजरी राव सहित पुलिस व प्रशासनिक अफसरों सहित अन्य ने मौका मुआयना करते हुए शवों को कब्जे में लेकर उनकी शिनाख्त की कार्रवाई में जुटे हुए थें।

एक पुनः घुमावदार मोड़ बना हादसे का कारण, लोगों में आक्रोश

यूपी-एमपी सीमा पर स्थित ड्रमंडगंज घाटी में बुधवार की रात दिल को झकझोर कर रख देने वाले हादसे के बाद सबसे ज्यादा लोगों में आक्रोश राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों, इंजिनियर और ठेकेदारों को लेकर देखा गया है जिनका सीधा सा आरोप रहा है कि हाइवे बनाते वक्त कहा गया था इस बड़े मोड़ को हटाकर सीधे बाज़ार से हटकर हाइवे गुजरेगा, लेकिन करोड़ों रुपए बचाने के चक्कर में बाजार से हाईवे तो नहीं बनाया गया लेकिन हाइवे को पुनः उसी मोड़ से जोड़ते हुए बनाया गया जो आज तक दुर्घटना का कारण बनता हुआ आ रहा है। लोगों का आरोप रहा है कि यदि हाइवे को बड़का घुमान मोड़ के बजाए सीधा ले जाया गया होता तो शायद आज इतना बड़ा हादसा न हुआ होता।

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