गिरीश महाजन की चौंक मेहता में उपस्थिति सिख भावनाओं के प्रति सम्मान का प्रतीक : प्रो. सरचांद सिंह ख्याला

ऑपरेशन ब्लू स्टार को पहले भी ‘हमला’ करार दे चुके हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी : ख्यालाविपक्ष की आलोचना राजनीतिक बौखलाहट का परिणाम, लगाए जा रहे हैं बेबुनियाद आरोपहिंदू-सिख एकता और आपसी विश्वास को मजबूत करने वाला कदम साबित होगी महाजन की शिरकत

पंजाब भाजपा के प्रवक्ता प्रो. सरचांद सिंह ख्याला ने महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन की साका नीला तारा (ऑपरेशन ब्लू स्टार) की 42वीं वर्षगांठ के अवसर पर दमदमी टकसाल के मुख्य केंद्र गुरुद्वारा गुरु दर्शन प्रकाश, चौंक मेहता में आयोजित शहीदी समागम में भागीदारी को लेकर उठ रहे राजनीतिक विवादों का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि महाजन की यह उपस्थिति केवल एक सरकारी मंत्री या भाजपा नेता के रूप में औपचारिक भागीदारी नहीं थी, बल्कि 1984 की घटनाओं से जुड़े सिख समाज के दर्द और भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता का प्रदर्शन थी।

प्रो. ख्याला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले भी श्री दरबार साहिब पर हुए सैन्य अभियान को “हमला” करार दे चुके हैं और तत्कालीन कांग्रेस सरकार की इस कार्रवाई की आलोचना करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि 10 अगस्त 2023 को संसद में भी प्रधानमंत्री ने इस विषय का उल्लेख करते हुए सिख भावनाओं की अभिव्यक्ति की थी। इसलिए गिरीश महाजन द्वारा शहीदी समागम में दिए गए वक्तव्य को किसी भी रूप में नया या विवादास्पद नहीं माना जाना चाहिए।

उन्होंने विपक्षी दलों की आलोचना को राजनीतिक बौखलाहट का परिणाम बताया। ख्याला ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल यह आरोप लगा रहे हैं कि भाजपा दमदमी टकसाल या संत जर्नैल सिंह भिंडरांवाले के नाम का राजनीतिक लाभ लेना चाहती है, लेकिन ऐसे आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उनका कहना था कि महाराष्ट्र में सिख समुदाय ने भाजपा पर भरोसा जताया है और वहां की राजनीति में इसका सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिला है।

प्रो. ख्याला ने कहा कि पंजाब में भी सिख समुदाय का दमदमी टकसाल और बाबा हरनाम सिंह खालसा के साथ गहरा जुड़ाव है। यही कारण है कि कुछ राजनीतिक दल अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख बिना किसी आधार के बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गिरीश महाजन ने अपने संबोधन में कोई गलत बात नहीं कही, बल्कि 1984 की घटनाओं में शहीद हुए निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और 6 जून को सिख समुदाय के लिए एक दुखद दिन के रूप में याद किया।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा अपने मंत्री को शहीदी समागम में भेजना सिख समाज के प्रति सम्मान का संदेश है। इससे हिंदू-सिख समुदायों के बीच आपसी विश्वास, भाईचारे और एकता को और मजबूती मिलेगी तथा देश की अखंडता और सामाजिक सद्भाव को नया बल प्राप्त होगा।

 

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