गिरती सड़क, उड़ती धूल और बदहाल व्यवस्था: वाराणसी के सिद्धगिरीबाग मार्ग पर चलना बना मुसीबत, राहगीर और राजगीर बेहाल

  • रिपोर्ट- पंकज झा

वाराणसी शहर का सिद्धगिरीबाग इलाका इन दिनों बदहाल सड़क और उड़ती धूल-गर्दा की वजह से लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन चुका है। सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि आम राहगीरों से लेकर रोज मेहनत-मजदूरी करने वाले राजगीरों तक को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी सड़क और धूल के गुबार ने पूरे इलाके की तस्वीर बिगाड़ दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क लंबे समय से टूटी पड़ी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों की वजह से बाइक और साइकिल चालकों को हर समय गिरने का डर बना रहता है। वहीं पैदल चलने वाले लोगों को धूल और खराब रास्ते से गुजरना मजबूरी बन गया है।
सबसे ज्यादा परेशानी उन राजगीरों और मजदूरों को हो रही है जो रोज इसी रास्ते से अपने काम पर आते-जाते हैं। धूल-गर्दा के कारण सांस लेने में दिक्कत हो रही है और आंखों में जलन की शिकायत भी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि सड़क से उड़ने वाली मिट्टी और धूल ने आसपास के दुकानदारों और घरों में रहने वालों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।बरसात के दिनों में यही सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जबकि गर्मी में धूल का गुबार लोगों को परेशान करता है। स्थानीय नागरिकों ने कई बार अधिकारियों से सड़क निर्माण और मरम्मत की मांग की, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।क्षेत्रवासियों का कहना है कि विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। शहर के बीचों-बीच स्थित सिद्धगिरीबाग जैसी महत्वपूर्ण सड़क की बदहाली प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर रही है।अब लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराई जाए, धूल से राहत के लिए पानी का छिड़काव कराया जाए और आम जनता को इस परेशानी से निजात दिलाई जाए, ताकि राहगीरों और मजदूरों को रोजाना की इस मुसीबत से छुटकारा मिल सके।

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