महिला आरक्षण के नाम पर लोकतंत्र से खिलवाड़ करने की साजिश बेनकाब: सैलजा

-2023 के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अनुसार 2029 के लोकसभा चुनावों से ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिले

-यह देश की जागरूक जनता और मजबूत विपक्ष की जीत है

हरियाणा ,18 अप्रैल ( एम पी भार्गव ): पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों के नाम पर देश के लोकतंत्र, संविधान और संघीय ढांचे को कमजोर करने की साजिश रची जा रही थी, जिसे एकजुट विपक्ष ने समय रहते विफल कर दिया। कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा का असली चेहरा अब देश के सामने पूरी तरह उजागर हो चुका है। सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन का ऐसा जाल बुन रही थी, जिससे राजनीतिक संतुलन बिगाड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपने पक्ष में मोड़ा जा सके। यह केवल महिलाओं के साथ छल नहीं, बल्कि संविधान की मूल भावना पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि आज जो गिरा है, वह महिला आरक्षण विधेयक नहीं, बल्कि भाजपा की साजिशों का ढांचा है। यह देश की जागरूक जनता और मजबूत विपक्ष की जीत है, जिसने लोकतंत्र को बचाने का काम किया।

कुमारी सैलजा ने स्पष्ट मांग रखते हुए कहा कि 2023 के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अनुसार 2029 के लोकसभा चुनावों से ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। अब किसी भी प्रकार की देरी या बहानेबाजी देश की महिलाओं के साथ अन्याय होगा, जिसे कांग्रेस पार्टी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने बार-बार महिलाओं के सम्मान के नाम पर केवल राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया है, लेकिन जमीनी स्तर पर महिलाओं को सशक्त करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब देश की महिलाएं और युवा वर्ग भाजपा की नीयत को भलीभांति समझ चुके हैं। अंत में कुमारी सैलजा ने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश के भविष्य और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है। भाजपा चाहे जितनी सच्चाई छुपाने की कोशिश कर ले, लेकिन अब देश की जनता जाग चुकी है और आज से ही भाजपा के पतन की शुरुआत हो चुकी है।

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