सावधान! पुराने मोबाइल बन रहे साइबर ठगों का हथियार,डेटा रिकवर कर लोगों को लगा रहे चूना: एसपी दीपक सहारन  

साइबर ठग गलियों में फेरीवाले बनकर महिलाओं को पुराने मोबाइल फोन के बदले नए बर्तन देकर कर रहे ठगी का शिकार:-एसपी

ऐलनाबाद ,सिरसा 16 मई। ( एम पी भार्गव ) जिला पुलिस ने आमजन को साइबर ठगी से बचाने कि लिए विशेष एडवाजरी जारी की है । उन्होंने पुलिस एडवाजरी में बताया कि देशभर में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के बीच एक बेहद चौंकाने वाले मामले सामने आ रहे है,जिसने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है । जांच एजेंसियों ने ऐसे अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का खुलासा किया है, जो पुराने और खराब मोबाइल फोन के मदरबोर्ड का इस्तेमाल कर लोगों की निजी जानकारी चुराने और बैंक खातों से रकम उड़ाने का काम कर रहा था । इस मामले ने यह साफ कर दिया है कि बेकार समझे जाने वाले पुराने मोबाइल भी साइबर अपराधियों के लिए खजाना साबित हो सकते हैं ।

पुराने मोबाइल से निकाला जा रहा संवेदनशील डेटा
एसपी दीपक सहारन ने बताया कि जांच में सामने आया है कि कुछ मोबाइल दुकानदार पुराने और खराब मोबाइल फोन के मदरबोर्ड निकालकर उन्हें चीन और बांग्लादेश में सक्रिय साइबर अपराधियों को बेच रहे थे । तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, मोबाइल फोन से सामान्य तरीके से डेटा डिलीट करने या फैक्ट्री रिसेट करने के बाद भी कई बार जानकारी पूरी तरह समाप्त नहीं होती। विशेष सॉफ्टवेयर और आधुनिक उपकरणों की मदद से साइबर अपराधी डिलीट किए गए डेटा को दोबारा रिकवर कर लेते हैं।इसी डेटा के जरिए लोगों की निजी तस्वीरें, सोशल मीडिया अकाउंट, बैंकिंग पासवर्ड, यूपीआई डिटेल्स और अन्य संवेदनशील जानकारियां हासिल कर साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा है ।

फेरीवालों के जरिए जुटाए जा रहे थे पुराने फोन
एसपी दीपक सहारन ने बताया कि यह गिरोह बेहद संगठित और शातिर तरीके से काम कर रहा है । गिरोह के सदस्य गांवों और शहरों की गलियों में फेरीवाले बनकर घूमते है । वे खासकर महिलाओं को नए बर्तन,प्लास्टिक सामान या घरेलू उपयोग की वस्तुओं का लालच देकर पुराने और खराब मोबाइल फोन ले लेते है ।अधिकांश लोग यह सोचकर फोन दे देते थे कि खराब मोबाइल अब किसी काम का नहीं है,जबकि वास्तव में उसी मोबाइल का मदरबोर्ड साइबर अपराधियों के लिए बेहद कीमती साबित हो रहा है । जांच एजेंसियों के मुताबिक इन मोबाइल फोन को एकत्र कर बड़े शहरों में भेजा जाता था, जहां उनसे मदरबोर्ड निकालकर विदेशों में सक्रिय साइबर गिरोहों तक पहुंचाया जाता है ।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील
एसपी दीपक सहारन ने आमजन से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उनका कहना है कि किसी भी अनजान फेरीवाले,कबाड़ी या अस्थायी दुकानदार को पुराना मोबाइल फोन न दें । यदि मोबाइल बेचना जरूरी हो तो खरीदार का पहचान पत्र,आधार कार्ड या अन्य आईडी प्रूफ अवश्य लें । साथ ही मोबाइल का IMEI नंबर नोट करके लिखित रसीद लेना भी जरूरी है। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने आमजन को सलाह दी है कि केवल फैक्ट्री रिसेट करना पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए । मोबाइल बेचने या रिसाइकिल करने से पहले डेटा को सुरक्षित तरीके से स्थायी रूप से हटाएं और फोन को किसी विश्वसनीय मोबाइल स्टोर या अधिकृत रिसाइक्लिंग सेंटर को ही सौंपें। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की घटनाओं को लेकर खुद जागरूक रहें और अपने परिवार व दोस्तों को भी सतर्क करें। आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपकी निजी जिंदगी, बैंक खाते और मेहनत की कमाई को गंभीर खतरे में डाल सकती है ।

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