संसद में गरजे पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बेटी और भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज विपक्ष पर साधा तीखा निशाना
लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान पढ़ी कवि दुष्यंत कुमार की प्रसिद्ध पंक्तियां कहा फर्क साफ है
- रिपोर्टर: प्रमोद यादव
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल (पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल दो हजार छब्बीस) पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। इस चर्चा में भाग लेते हुए नई दिल्ली लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज ने विपक्ष के रवैये पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने परीक्षा माफियाओं को सख्त लहजे में चेताया कि वे देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं कर सकते और इस सदन के संकल्प से बड़े नहीं हैं।
कवि दुष्यंत कुमार की पंक्तियों से विपक्ष पर तंज:
संसद में बोलते हुए भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने विपक्ष के हंगामे और नकारात्मक रवैये को आड़े हाथों लिया। उन्होंने प्रसिद्ध कवि दुष्यंत कुमार की पंक्तियों को कोट करते हुए कहा, “तुम्हारे पैरों के नीचे कोई ज़मीन नहीं है, कमाल है कि फिर भी तुम्हें यकीन नहीं है।” उन्होंने विपक्ष पर केवल राजनीतिक अवसरवादिता और हंगामा करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यूपीए और मोदी सरकार की सोच में बताया फर्क:
बांसुरी स्वराज ने सदन के पटल से सरकार और विपक्ष की कार्यशैली में तुलना की। उन्होंने कहा कि फर्क केवल सरकारों का नहीं बल्कि सोच और नीयत का भी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नीत यूपीए सरकार का मूल मंत्र केवल डिले, डिफ्लेक्ट और डिनाई (देरी करना, भटकाना और मना करना) था। इसके विपरीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का स्पष्ट मंत्र डिटेक्ट, डिसाइड और डिलीवर (पता लगाना, निर्णय लेना और परिणाम देना) है। उन्होंने सभी सांसदों से सर्वसम्मति से इस बिल को पारित करने की अपील की।
