केंद्र सरकार ने जारी की पचासवीं ऐतिहासिक लोक शिकायत रिपोर्ट शिकायतों के निपटारे में उत्तर प्रदेश आगे
जून दो हजार छब्बीस में रिकॉर्ड करीब दो लाख शिकायतों का हुआ समाधान केंद्रीय मंत्रालयों का औसत समय घटकर चौदह दिन हुआ
- रिपोर्टर: प्रमोद यादव
नई दिल्ली। भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीआरएपीजी) ने जून दो हजार छब्बीस माह के लिए केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के प्रदर्शन पर केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) की पचासवीं मासिक रिपोर्ट जारी की है। इस सरकारी रिपोर्ट की सबसे बड़ी खास बात यह है कि लगातार अड़तालीसवें महीने केंद्रीय सचिवालय में मासिक निपटान का आंकड़ा एक लाख मामलों को पार कर गया है। आंकड़ों के अनुसार जून दो हजार छब्बीस में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा कुल एक लाख निन्यानवे हजार छह सौ अड़सठ (1,99,968) जन शिकायतों का सफलतापूर्वक निवारण किया गया है।
उत्तर प्रदेश के नागरिकों ने कराया सबसे ज्यादा पंजीकरण:
केंद्र सरकार द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार इस डिजिटल पोर्टल के प्रति आम जनता का भरोसा तेजी से बढ़ा है। जून दो हजार छब्बीस में देश भर के कुल तिरासी हजार पांच सौ चौतालीस (83,544) नए उपयोगकर्ताओं ने पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है। इस देशव्यापी आंकड़े में सबसे बड़ी हिस्सेदारी उत्तर प्रदेश की रही है, जहां से रिकॉर्ड पंद्रह हजार दो सौ सत्तासी (15,287) नागरिकों ने अपनी शिकायतों के समाधान के लिए नया पंजीकरण कराया है। इसके अलावा फीडबैक कॉल सेंटर के माध्यम से जून महीने में पछत्तर हजार से अधिक नागरिकों से सीधे बात कर उनकी संतुष्टि की जांच भी की गई।
शीर्ष प्रदर्शन करने वाले केंद्रीय मंत्रालय:
शिकायत निवारण मूल्यांकन और सूचकांक (जीआरएआई) रैंकिंग के तहत केंद्रीय मंत्रालयों को दो श्रेणियों में बांटा गया है। ग्रुप ए श्रेणी (पांच सौ से अधिक शिकायतों वाले) में डाक विभाग, दूरसंचार विभाग और वित्तीय सेवा विभाग (बीमा प्रभाग) ने देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। वहीं ग्रुप बी श्रेणी (पांच सौ से कम शिकायतों वाले) में वस्त्र मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है। वर्तमान में केंद्रीय मंत्रालयों में किसी भी शिकायत के निपटारे का औसत समय घटकर मात्र चौदह दिन रह गया है जो प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
