- रिपोर्ट: जितेंद्र जोशी
देहरादून। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में कथित लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। आरआरपी पार्टी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत चमोली जिले की एक सड़क परियोजना में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
देहरादून स्थित प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में पार्टी नेताओं ने दावा किया कि चमोली जिले के धाराली विधानसभा क्षेत्र में कंडवाल गांव से काफोली मला मोटर मार्ग के निर्माण के लिए लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत की गई थी, लेकिन धरातल पर कार्य अपेक्षित स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि परियोजना में विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार के बीच मिलीभगत के कारण सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए आरआरपी के पदाधिकारियों ने कहा कि कागजों में विकास कार्यों को पूरा दिखाया जा रहा है, जबकि मौके पर सड़क निर्माण अधूरा और कई स्थानों पर निम्न गुणवत्ता का नजर आता है। उनका दावा है कि करीब 2.3 किलोमीटर क्षेत्र में अत्यंत घटिया निर्माण कार्य किया गया है।
पार्टी ने मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जूनियर इंजीनियर (जेई) संदीप शर्मा, सहायक अभियंता (एई) नरेश कुमार तथा अधिशासी अभियंता अजय कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि पिछले तीन वर्षों से परियोजना की वास्तविक स्थिति को छिपाकर उच्च अधिकारियों और जनता को गुमराह किया गया।
आरआरपी नेताओं ने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से संचालित योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभाग या अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
