मोदीनगर तहसील में बदहाली का आलम, शौचालय-सड़कें टूटीं, नए चैंबर के लिए तरस रहे नए वकील

  • रिपोर्ट: जितेंद्र ठाकुर

गाजियाबाद जिले की मोदीनगर तहसील से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहाँ अधिवक्ताओं और आम जनता को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता राजकुमार गुप्ता ने ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ के मौके पर जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपकर तहसील परिसर की बदहाली को उजागर किया है।

शिकायत के मुताबिक, तहसील परिसर के अंदर बना सार्वजनिक शौचालय पिछले तीन महीनों से पूरी तरह से टूटा हुआ है। मरम्मत न होने के कारण वकीलों, बैनामा लेखकों और आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, परिसर की आंतरिक सड़कें पिछले एक साल से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। गड्ढों में गंदा पानी भरने से यहाँ हर वक्त बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।

​परिसर में एक और बड़ी समस्या पार्किंग की है। पार्किंग व्यवस्था होने के बावजूद लोग अपनी गाड़ियाँ सड़कों पर गलत तरीके से खड़ी कर देते हैं, जिससे आपातकालीन स्थिति में भी वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है। वकीलों का यह भी कहना है कि पिछले 18 वर्षों से यहाँ नए वकीलों के लिए कोई चैंबर नहीं बनाया गया है, जिससे नए अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। वकीलों ने प्रशासन से इन सभी समस्याओं पर अविलंब प्रभावी कार्रवाई करने की माँग की है।

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