चार गांव की 15000 आबादी व हजारों पशुधन पर गहराया पेयजल संकट

ऐलनाबाद,12 मई (एम पी भार्गव )खंड के.राजस्थान की बॉर्डर से लगते ढाणी शेरा भाखडा नहर की टेल के अंतिम चार गांव कर्मशाना, ढाणी शेरा वाली, मिठनपुरा, किशनपुरा गांव की लगभग 15000 लोगों की आबादी सहित पशुधन पर पेयजल संकट गहरा गया है,गौरतलब है कि इस क्षेत्र में मुख्य रूप से पेयजल सिरसा जिले के गांव नेहराणा से निकलने वाली हरियाणा की सबसे लंबी नहर ढाणी शेरावाली भाखड़ा नहर जो की नेहराणा से चलकर गांव दडबा, कैरावाली,बकरियांवाली,माधोसिघाना,मल्लेका,उमेदपुरा,मेहनाखेड़ा, भुरटवाला,पोहड़का,मिठठी सुरेरा,खारी सुरेरा,किशनपुरा मिठनपुरा से होती हुई लगभग एक दर्जन से अधिक गांवों को क्रॉस करके राजस्थान की बॉर्डर से सटे टेल के अंतिम गाँव कर्मशाना व ढाणी शेरा वाली जाकर पूरी होती है।

जो कि हरियाणा की भाखड़ा नहरों में एक अनुमान के अनुकूल काफी लंबी मानी जाती है, गौरतलब है कि नहरी विभाग के मुताबिक इस नहर में पेयजल ने नेहराणा हैड से 6 मई 2026 शाम को छोड़ गया था लेकिन 12 मई 2026 तक बिते सात दिनों में मिठनपुरा नहर पुल टेल से लगभग सात किलोमीटर पीछे कर्मशाना,मिठनपुरा, ढाणी शैरा तीनों गांव के बने बुस्टिंग स्टेशन मोटरों तक भी ओसतन मात्रा में नियमित.पानी नहीं चल पाया है, जिस कारण तीनों गांव के जल घरों के टैक बिल्कुल खाली पड़े है,जिसके कारण इन चार गांव की लगभग 15000 लोगों की आबादी सहित हजारों पशुधन पर पेयजल संकट गहरा गया है

वही इस दौरान ग्रामीण युवा किसान कुलदीप मुंदलिया,चेतराम झौरड,राजेंद्र मुंदलिया,सत्यनारायण सहू,अनिल जाखड़,विक्रम चंद्र सैनी, वेद प्रकाश पूनिया मिठनपुरा,नौरंग लाल भांभू,नरेश रूहिल,राजेंद्र ढाणी शैरा,सुरजीत सिहाग,काशीराम सहारण किशनपुरा, संदीप सिंहमार ने बातचीत के दौरान बताया की उनकी यह समस्या केवल आज की नहीं है बल्कि पिछले कई वर्षों से पैयजल की समस्या से जूझ रहे हैं लेकिन अभी जेठ के महीने में सिंचाई पानी तो दूर की बात पेयजल जैसा स्वच्छ पानी भी गांव में आम लोगों के लिए सरकार नहीं पहुंचा पा रही है तो यह सबसे बड़ा सरकार का फेलियर पन है, ग्रामीणों ने कहा कि वीरवार तक नहरी विभाग साफ स्वच्छ जल गांव के जलघर में पहुंचाने में असमर्थ रहा तो शुक्रवार को ग्रामीण इकट्ठा होकर धरना देने के लिए या फिर रोड जाम करने के लिए मजबूर होंगे। नहरी विभाग के जेई गुरसेवक सिंह- से बात की तो उन्होंने कहा कि आगामी तीन से चार दिनों में टेल के अंतिम सभी गांव के जल घर में बने टैंक में भाखड़ा नहर का साफ व स्वच्छ जल भरवा दिया जाएगा तथा किसी भी प्रकार की पेयजल से संबंधित कोई समस्या उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी।

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