‘न्याय नहीं मिला तो 29 अगस्त को आत्मदाह करूंगी’: मोदीनगर में दुष्कर्म पीड़िता का पुलिस पर गंभीर आरोप

मोदीनगर में दुष्कर्म पीड़िता ने न्याय न मिलने पर 29 अगस्त को आत्मदाह की चेतावनी दी है। पीड़िता ने निवाड़ी पुलिस पर कार्रवाई न करने और आरोपी पक्ष को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

​Rape Case गाजियाबाद : मोदीनगर निवाड़ी थाना क्षेत्र से, एक बेहद हैरान और शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां न्याय की आस में दर-दर भटक रही एक पीड़िता अब अपनी जीवन लीला समाप्त करने की चेतावनी देने पर मजबूर हो गई है।
​पीड़िता ने उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। और निवाड़ी पुलिस तथा मोदीनगर पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

​पीड़िता का आरोप है कि उसने अपने मकान के लिए मेहनत की कमाई जमा की थी। इस दौरान मुजफ्फरनगर में तैनात महिला कांस्टेबल मीनाक्षी त्यागी और उसके पति जोनी त्यागी सिखेडा रोड, मोदीनगर ने उसे अपनी कंपनी में नौकरी देने का झांसा दिया। पीड़ित 15,000 रुपये महीने की नौकरी पर काम करने लगी। आरोप है कि इसके बाद जोनी त्यागी ने उसके पेटीएम से पैसे निकालने शुरू कर दिए और आगे चलकर उसका यौन शोषण किया गया।

मुजफ्फरनगर पुलिस से एनकाउंटर करवाने की धमकी

​जब पीड़िता ने इस संबंध में शिकायत की और एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की, तो आरोप है कि आरोपी पक्ष अत्यंत प्रभावशाली होने और पुलिस महकमे से जुड़े होने के कारण जांच को प्रभावित कर रहा है। पीड़िता का यह भी कहना है कि प्रियंका त्यागी नाम की महिला उसे लगातार धमकी दे रही है, कि यदि शिकायत वापस नहीं ली, तो मुजफ्फरनगर पुलिस से उसका एनकाउंटर करवा दिया जाएगा।

​पीड़िता का कहना है कि तीन सप्ताह बीत जाने और सहायक पुलिस आयुक्त ACP मोदीनगर को जांच सौंपे जाने के बावजूद, थाना निवाड़ी द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

​इससे पहले 15 अगस्त 2026 को पीड़िता ने आत्मदाह का निर्णय लिया था, लेकिन LIU गाजियाबाद और पुलिस अधिकारियों द्वारा 17 अगस्त तक एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन दिया गया था, जिसके बाद उसने कदम पीछे खींचे। परंतु पीड़िता का आरोप है कि ये आश्वासन खोखले साबित हुए।

29 अगस्त 2026 को सुबह 10:00 बजे पुलिस आयुक्त कार्यालय, गाजियाबाद के बाहर आत्मदाह का अल्टीमेटम 

​अब कोई अन्य रास्ता न देख, पीड़िता ने प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला, तो वह 29 अगस्त 2026 को सुबह 10:00 बजे पुलिस आयुक्त कार्यालय, गाजियाबाद के बाहर आत्मदाह करेगी।

​पीड़िता ने सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नारे पर सवाल उठाते हुए कहा है। कि वह अपनी जान बचाने के लिए छिपती फिर रही है।
अब देखना यह होगा कि गाजियाबाद पुलिस इस मामले पर क्या त्वरित संज्ञान लेती है या पीड़िता को न्याय के लिए कठोर कदम उठाना पड़ेगा।

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