- रिपोर्ट: प्राची सिंह
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए महासचिव चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। ट्रस्ट की बैठक में सर्वसम्मति से विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय महासचिव बजरंग बागड़ा को ट्रस्ट का नया महासचिव नियुक्त किया गया। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब राम मंदिर में श्रद्धालुओं के दान से जुड़े कथित वित्तीय विवाद की जांच जारी है।
ट्रस्ट के इस निर्णय को संगठनात्मक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बजरंग बागड़ा लंबे समय से विश्व हिंदू परिषद से जुड़े हैं और संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उन्हें वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों का व्यापक अनुभव है, जिससे ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।
राजस्थान के सीकर जिले के निवासी बजरंग बागड़ा पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कॉरपोरेट क्षेत्र से की और सार्वजनिक क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित उपक्रमों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वह नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने नालको और राइट्स लिमिटेड में निदेशक (वित्त) तथा मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं।
कॉरपोरेट क्षेत्र में लंबा अनुभव प्राप्त करने के बाद उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर स्वयं को सामाजिक और धार्मिक कार्यों के लिए समर्पित कर दिया। विश्व हिंदू परिषद में उन्होंने संयुक्त महासचिव सहित कई महत्वपूर्ण दायित्व निभाए। इसके साथ ही वह एकल अभियान के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) भी रह चुके हैं। संगठन में उन्हें कुशल प्रशासक और वित्तीय अनुशासन के लिए जाना जाता है।
फरवरी 2024 में अयोध्या में आयोजित विश्व हिंदू परिषद की प्रन्यासी मंडल एवं प्रबंधन समिति की बैठक में उन्हें संगठन का अंतरराष्ट्रीय महासचिव चुना गया था। इस दौरान उन्होंने मंदिरों, धार्मिक विषयों, सामाजिक मुद्दों और संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई।
बजरंग बागड़ा की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब राम मंदिर ट्रस्ट कथित दान गड़बड़ी मामले को लेकर जांच एजेंसियों की निगरानी में है। विशेष जांच दल (SIT) और पुलिस मामले की जांच कर रही है। ऐसे में नए महासचिव के सामने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने, वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने और करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
