अमृतसर में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ ने मृतक गगनदीप सिंह रंधावा के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान उन्होंने मामले को बेहद दर्दनाक बताते हुए कहा कि जिन लोगों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं।
मीडिया से बातचीत में तरुण चुघ ने कहा कि गगनदीप रंधावा की मौत सामान्य नहीं, बल्कि दबाव और प्रताड़ना का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक युवा अधिकारी को घर बुलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, उस पर दबाव बनाया गया और झूठी वीडियो बनवाने की कोशिश की गई। उनके मुताबिक, यह आत्महत्या नहीं बल्कि “दबाव के जरिए की गई हत्या” है और इस मामले में हत्या का केस दर्ज होना चाहिए।
चुघ ने भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में भ्रष्टाचार, रंगदारी और वसूली माफिया का बोलबाला है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में एक संगठित “वसूली तंत्र” खड़ा हो गया है, जिसके जरिए अधिकारियों पर दबाव बनाकर पैसे वसूले जा रहे हैं।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस मामले में दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक एफआईआर दर्ज करने में देरी क्यों हो रही है और पीड़ित परिवार को पर्याप्त सुरक्षा क्यों नहीं दी गई, जबकि आरोपियों को सुरक्षा मिल रही है।
तरुण चुघ ने कहा कि यदि सभी सांसद लिखित रूप में मांग करें, तो इस मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपी जा सकती है। उन्होंने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी सहित सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राजनीति से ऊपर उठकर न्याय के लिए एकजुट हों।
इसके साथ ही उन्होंने पंजाब की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है, लेकिन धन का सही उपयोग नहीं हो रहा।
अंत में चुघ ने कहा कि पंजाब इस समय बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है और यदि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो जनता का भरोसा व्यवस्था से उठ सकता है। उन्होंने दोहराया कि इस मामले की निष्पक्ष CBI जांच होनी चाहिए और दोषियों को कानून के दायरे में लाना जरूरी है।
