नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा का मॉनसून सत्र शुक्रवार, 7 अगस्त से शुरू हो गया है और यह 11 अगस्त तक चलेगा। सत्र के पहले ही दिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों के बीच जोरदार बहस और हंगामा देखने को मिला। विरोध प्रदर्शन, नारेबाजी और पोस्टर दिखाए जाने के बाद AAP के पांच विधायकों को मार्शल के जरिए सदन से बाहर कर दिया गया। विपक्ष ने स्वास्थ्य क्षेत्र में 650 करोड़ रुपये की गड़बड़ी और घोटाले का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस्तीफे की मांग की।
वंदे मातरम के साथ शुरू हुआ मॉनसून सत्र
दिल्ली विधानसभा के मॉनसून सत्र की शुरुआत वंदे मातरम के साथ हुई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मौके पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि विधानसभा में वंदे मातरम की गूंज राष्ट्र को सर्वोपरि रखने, जनकल्याण, सुशासन और विकसित दिल्ली के लिए काम करने के संकल्प को और मजबूत करती है।
इसके बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दल आम आदमी पार्टी के विधायकों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
650 करोड़ रुपये के स्वास्थ्य घोटाले का आरोप
AAP विधायकों ने दिल्ली सरकार पर स्वास्थ्य क्षेत्र में 650 करोड़ रुपये की गड़बड़ी और घोटाले का आरोप लगाया। इस मुद्दे को लेकर विधायकों ने सदन में पोस्टर लहराए और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की।
लगातार बढ़ते हंगामे और सदन की कार्यवाही में हो रही रुकावट को देखते हुए अध्यक्ष ने कार्रवाई की। AAP विधायक संजीव झा, सोम दत्त, विशेष रवि, कुलदीप कुमार और जरनैल सिंह को मार्शल के जरिए सदन से बाहर कर दिया गया। इसके बाद लगातार हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
प्रश्नकाल को लेकर भी BJP और AAP में टकराव
सदन में प्रश्नकाल के लिए समय नहीं दिए जाने को लेकर भी BJP और AAP के बीच बहस हुई। AAP के मुख्य सचेतक संजीव झा और जरनैल सिंह समेत पार्टी के अन्य विधायकों ने आरोप लगाया कि BJP सरकार जवाबदेही से बच रही है और प्रश्नकाल की अनुमति नहीं दे रही है।
इसके जवाब में दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने AAP के कार्यकाल का हवाला देते हुए पलटवार किया। उन्होंने कहा कि AAP सरकार के पांच साल के दौरान विधानसभा की 74 बैठकों में केवल 9 बार प्रश्नकाल हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि 2024, यानी AAP सरकार के आखिरी साल में एक बार भी प्रश्नकाल नहीं कराया गया।
प्रवेश साहिब सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें इस बात से परेशानी है कि मौजूदा सरकार जनता के लिए काम कर रही है। उन्होंने AAP पर तंज कसते हुए विपक्ष से अपने नेता प्रतिपक्ष को ढूंढने की बात भी कही।
आतिशी की गैरमौजूदगी पर कपिल मिश्रा का तंज
सदन में नेता प्रतिपक्ष आतिशी की गैरमौजूदगी को लेकर पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने भी निशाना साधा। कपिल मिश्रा ने कहा कि आतिशी मॉनसून सत्र के पहले दिन सदन में मौजूद नहीं हैं और गोवा में छुट्टियां मना रही हैं। उनके इस बयान पर AAP विधायकों ने विरोध जताया।
इसी हंगामे के बीच पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने दिल्ली विधानसभा में ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट एस्टेब्लिशमेंट रिपील बिल 2026’ पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य दिल्ली की पुरानी बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना को वापस लेना है।
मुख्य बातें एक नजर में
- दिल्ली विधानसभा का मॉनसून सत्र 7 से 11 अगस्त 2026 तक चलेगा।
- पहले दिन BJP और AAP विधायकों के बीच जमकर हंगामा हुआ।
- AAP ने स्वास्थ्य क्षेत्र में 650 करोड़ रुपये की गड़बड़ी/घोटाले का आरोप लगाया।
- AAP ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस्तीफे की मांग की।
- संजीव झा, सोम दत्त, विशेष रवि, कुलदीप कुमार और जरनैल सिंह को मार्शल ने सदन से बाहर किया।
- प्रश्नकाल को लेकर संजीव झा और जरनैल सिंह ने सरकार पर सवाल उठाए।
- कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने AAP के पिछले कार्यकाल को लेकर पलटवार किया।
- कपिल मिश्रा ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी की गैरमौजूदगी पर तंज कसा।
- कपिल मिश्रा ने ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट एस्टेब्लिशमेंट रिपील बिल 2026’ पेश किया।
