दशलक्षण पर्व का दूसरा दिन ‘उत्तम मार्दव दिवस’ भक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया गया

रामपुर। जैन समाज के महापर्व दशलक्षण पर्व का दूसरा दिन रविवार को बड़े श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। श्री पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर फूटा महल एवं श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर शौकत अली रोड पर दिनभर धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इस अवसर पर दूसरे दिन को उत्तम मार्दव दिवस के रूप में समर्पित किया गया।
सुबह से ही दोनों मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ लिया। इंदौर और मथुरा से पधारे विद्वानों ने प्रवचन में मार्दव गुण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मार्दव का अर्थ है नम्रता और अहंकार का त्याग, जो जीवन को सरल, शांत और सौम्य बनाता है।
शाम के समय वातावरण और भी आध्यात्मिक हो गया, जब भक्तगणों ने भक्ति भाव से श्री जी की आरती की। इसके बाद मंदिर प्रांगण में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ।

बच्चों और युवाओं ने भक्ति गीत, नृत्य एवं धार्मिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की श्रृंखला में श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में सीनियर सिटीजन अंताक्षरी का आयोजन किया गया जिसमें समाज के 60 साल से ऊपर सभी सदस्यों ने बड़- चढ़कर कर हिस्सा लिया

श्रावक-श्राविकाओं ने बढ़-चढ़कर उत्साहपूर्वक भाग लिया और धार्मिक वातावरण में लीन होकर पर्व की सार्थकता को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।
आने वाले दिनों में दशलक्षण पर्व के अंतर्गत प्रतिदिन अलग-अलग गुणों को आत्मसात करने का संदेश दिया जाएगा और इसी क्रम में धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा।

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