भाजपा सरकार ने सम्मान पेंशन काट कर बुजुर्गों को छेड़ा है, बुजुर्ग इनकी क़ब्र खोद देंगे: चौधरी अभय सिंह चौटाला

ऐलनाबाद, 11 फरवरी (एम पी भार्गव ): इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने बुधवार को चंडीगढ़ स्थित इनेलो पार्टी मुख्यालय पर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि जो बुढ़ापा पेंशन चौधरी देवीलाल ने बुजुर्गों के सम्मान के लिए बनाई थी उसे भाजपा सरकार ने कई शर्तें लगाकर एक लाख से ऊपर बुजुर्गों का पेंशन काट दी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि 1 नवंबर से 3200 रुपए पेंशन देंगे। लेकिन पेंशन बढ़ाना को दूर उलटा भाजपा सरकार पेंशन काटने में लगी है। सरकार द्वारा काटी जा रही बुढ़ापा सम्मान पेंशन के विरोध में 20 फरवरी को पंचकूला में विरोध प्रदर्शन करेंगे जिसमें हजारों की तादाद में जिन बुजुर्गों की पेंशन काटी गई है वो आएंगे और राज्यपाल को ज्ञापन देंगे।

अभय सिंह चौटाला ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मीडिया में अपनी कमी तो बताई नहीं बल्कि उलटा विपक्ष पर आरोप लगा रहे थे। अगर सरकार ने किसी की पेंशन नहीं काटी है तो गांव गांव में यह प्रचार क्यों किया जा रहा है कि वे अपने सर्टिफिकेट जमा कराएं। उन्होंने फिर झूठ बोला कि जब इनेलो की सरकार थी तब हमने कैप लगाई थी जबकि सच्चाई यह है कि हमने कैप लगाने का कभी कोई नियम नहीं बनाया ना कोई नोटिफिकेशन जारी किया। हमारी मांग है कि भाजपा सरकार बिना शर्त सभी बुजुर्गों को पेंशन दे। 1987 में चौधरी देवीलाल ने पेंशन शुरू की थी। तब उन्होंने यह कहा था कि जिसकी उम्र 65 साल है उन सभी बुजुर्गों को पेंशन मिलेगी।

1992 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भजन लाल ने शर्तें लगाई की जिसके पास 4 एकड़ जमीन है या आय 10000 हजार रुपए से ज्यादा है उसको पेंशन नहीं मिलेगी। हमने सदन में इसका विरोध किया था। हमने पेंशन काटी नहीं बल्कि तीन गुना बढ़ाई थी। हमने पांच साल के राज में 100 रूपए से तीन गुना बढ़ा कर 300 रुपए की। अगर 2029 में हमारी सरकार आती है तो हम पेंशन को दोगुना कर देंगे।
हैरानी की बात है कि कांग्रेस वाले भी पेंशन पर बयान दे रहे हैं। जिन्होंने खुद शर्तें लगातार पेंशन काटी थी।

बजट सत्र आने वाला है। हमारे दोनो विधायक सत्र में बुजुर्गों की काटी जा रही सम्मान पेंशन का मुद्दा पुरजोर ढंग से उठाएंगे। भाजपा सरकार हर वर्ग के लोगों को सुविधाओं से वंचित कर रही है। 50 प्रतिशत से ऊपर सरकारी पद खाली पड़े हैं।

कृष्ण बेदी बेशर्मी से काटी जा रही पेंशन पर बयान दे रहे थे। वो बताएं जब पिछली सरकार में वो विधायक नहीं थे वो किस बात की पेंशन ले रहे थे?। एक बार विधायक रहने पर उन्हें ताउम्र पेंशन मिलती है उनके परिवार को सभी सुविधाएं मिलती हैं। इतना ही नहीं जब एक विधायक सांसद और राज्यसभा सदस्य बनता है तो उसे तीनों पेंशन मिलती है। ऐसे ही रिटायर अधिकारियों को भी पेंशन और सुविधाएं मिलती हैं। तो बुजुर्गों की पेंशन क्यों काटी जा रही हैं?

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 1 लाख 5 हजार बुजुर्गों की मृत्यु हुई है उनकी पेंशन काटी गई है। मुख्यमंत्री उनकी जानकारी दे दें। भाजपा सरकार ने सभी वर्गों के लोगों को छेड़ कर देख लिया, अब इन्होंने बुजुर्गों को छेड़ा है और देख रहे हैं कि बुजुर्गों को क्या रिएक्शन आएगा। बुजुर्ग इस भाजपा सरकार की जमीन खोद देंगे।

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