साइबर सिटी गुरुग्राम में 2500 आईटी कंपनियां 1 जून से Work From Home मोड पर, पीएम मोदी की अपील का बड़ा असर

प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर गुरुग्राम की लगभग 2500 आईटी कंपनियां 1 जून से वर्क फ्रॉम होम मोड में आ जाएंगी। इससे पेट्रोल-डीजल की बचत होगी।
पेट्रोल व डीजल की बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील का व्यापक असर एक जून से साइबर सिटी में दिखाई देगा। लगभग ढाई हजार कंपनियां एक जून से वर्क फ्राॅम होम (Work From Home) मोड में भी आ जाएंगी। इसके लिए कंपनियाें ने तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि, इस मोड में आने के लिए कर्मचारियों के घर पर सिस्टम विकसित करना आवश्यक है।

 ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा
30 मई तक सिस्टम विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। एक बार सिस्टम विकसित होने के बाद जब तक वर्क फ्राॅम होम मोड में रहना होगा, कंपनियां रहेंगी। इसका असर यह होगा कि हजारों निजी एवं व्यावसायिक वाहन (टैक्सियां) सड़कों से गायब हो जाएंगे। इससे न केवल पेट्रो पदार्थों की भारी बचत होगी बल्कि प्रदूषण का स्तर और ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
कौन नहीं आएगा वर्क फ्राॅम होम मोड में?
साइबर सिटी में लगभग छह हजार आईटी एवं टेलीकाॅम सेक्टर की कंपनियां संचालित हैं। इनमें से सैकड़ों कंपनियां का 10 से 20 प्रतिशत तक काम कोरोना संकट के समय से ही वर्क फ्राॅम होम मोड में है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील के बाद लगभग ढाई हजार कंपनियां अपने उन कार्यों को वर्क फ्राॅम मोड में लाएंगी, जिन कार्यों को कर्मचारी घर से कर सकते हैं। साइबर सिक्योरिटी से संबंधित किसी कार्य को वर्क फ्राॅम होम मोड में नहीं लाया जाएगा।

वर्क फ्राॅम होम के लिए आवश्यक तैयारी
आईटी प्रोफेशल्स का कहना है कि वर्क फ्राॅम होम या रिमोट वर्किंग के लिए आईटी कंपनियों को लैपटाप, वीडियो कांफ्रेंसिंग टूल एवं क्लाउड-आधारित प्रोजेक्ट प्रबंधन साफ्टवेयर की व्यवस्था करनी होती है। डाटा सुरक्षा के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) की सुविधा देनी होती है।ये सुविधाएं विकसित करने में 10 से 12 दिन लग जाएंगे।

सुविधाएं विकसित होने के बाद प्रबंधन की एक टीम मौके पर जांच करती है ताकि कोई डाटा चोरी की गुंजाइश न रहे। एक बार सुविधाएं विकसित करने के बाद फिर आगे दिक्कत नहीं रहती है। वर्क फ्राॅम होम मोड से उन कर्मचारियों को दिक्कत होती है जिनके घर में जगह कम है। परिवार डिस्टर्ब होने लगता है। फिर कर्मचारी मोड से बाहर निकलने की मांग शुरू कर देते हैं।

“प्रधानमंत्री की अपील राष्ट्रहित में है। इसके ऊपर कंपनियां गंभीरता से विचार कर रही हैं। कंपनियों को वर्क फ्राॅम होम मोड में भी आने की अपील कर दी गई है। एक जून से लगभग आधी कंपनियां वर्क फ्राॅम होम मोड में भी आ जाएंगी। इससे सड़कों पर से हजारों वाहनों का दबाव कम हो जाएगा। वर्क फ्राॅम होम मोड में काम अधिक होता है। कोरोना के समय काफी कंपनियां वर्क फ्राॅम होम मोड को अपना चुकी हैं। ऐसे में कैसे काम करना है, सभी को पता है।”

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