नेपाल में भारतीय उच्च मूल्य के नोटों पर लगी रोक हटेगी, प्रति व्यक्ति 25 हजार रुपये तक ले जाने की अनुमति

नेपाल-भारत के बीच खुली सीमा के कारण दोनों देशों की मुद्राएं वर्षों से एक-दूसरे के क्षेत्रों में सहज रूप से प्रचलन में रही हैं। सीमा से सटे इलाकों में भारतीय रुपये का उपयोग रोजमर्रा की खरीदारी और लेन-देन में आम बात थी। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से नेपाल में भारतीय उच्च मूल्य के नोटों पर लगे प्रतिबंध के कारण यात्रियों, व्यापारियों और मजदूरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब इस दिशा में बड़ी राहत की खबर सामने आई है।

प्रतिबंध लगने की मुख्य वजह

भारतीय उच्च मूल्य के नोटों पर प्रतिबंध की सबसे बड़ी वजह वर्ष 2016 की नोटबंदी रही। 8 नवंबर 2016 को भारत सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद किए जाने के बाद नेपाल में बड़ी मात्रा में ये नोट फंस गए। अनुमान के मुताबिक करीब 950 करोड़ रुपये मूल्य के नोट नेपाल में रह गए, जिन्हें बदला नहीं जा सका। नेपाल राष्ट्र बैंक के पास भी करोड़ों रुपये के पुराने भारतीय नोट जमा हो गए, जिससे नेपाल को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

इसके अलावा नकली नोटों की तस्करी और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के चलते नेपाल सरकार ने सख्ती बरती। पहले कुछ समय के लिए 2000 रुपये के नोटों पर रोक लगाई गई, फिर 2018-19 में नेपाल सरकार ने औपचारिक रूप से 200, 500 और 2000 रुपये के भारतीय नोटों पर प्रतिबंध लगा दिया। उस समय केवल 100 रुपये से कम मूल्य के भारतीय नोट ही वैध माने गए।

प्रतिबंध से बढ़ीं परेशानियां

इस प्रतिबंध का सबसे अधिक असर भारतीय पर्यटकों और नेपाल से भारत में काम करने वाले मजदूरों पर पड़ा। पर्यटकों को छोटे नोटों में भुगतान करना पड़ता था, जिससे होटल, कैसिनो और बड़े प्रतिष्ठानों में लेन-देन मुश्किल हो जाता था। कई मामलों में अनजाने में उच्च मूल्य का नोट रखने पर जुर्माना या गिरफ्तारी तक की नौबत आ जाती थी। वहीं नेपाली मजदूर अपनी कमाई छोटे-छोटे नोटों में घर लाने को मजबूर थे, जिससे चोरी और नुकसान का खतरा बढ़ गया। सीमा व्यापार और पर्यटन पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ा।

प्रतिबंध हटने का फैसला

दिसंबर 2025 में नेपाल सरकार ने कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया कि 200 और 500 रुपये के भारतीय नोटों को फिर से वैध किया जाएगा। यह फैसला भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नवंबर 2025 में किए गए संशोधन के बाद संभव हो सका, जिसमें नेपाल-भारत यात्रा के दौरान उच्च मूल्य के नोट ले जाने की अनुमति दी गई। नए नियम के तहत अब प्रति व्यक्ति 25,000 रुपये तक के भारतीय उच्च मूल्य के नोट ले जाए जा सकेंगे। नेपाल राष्ट्र बैंक इस संबंध में जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगा।

नेपाल में भारतीय रुपये की स्थिति

नेपाल में भारतीय रुपये का मूल्य नेपाली रुपये से अधिक है। दिसंबर 2025 के अनुसार, 1 भारतीय रुपया लगभग 1.60 नेपाली रुपये के बराबर है। इस हिसाब से 100 भारतीय रुपये के बदले करीब 160 नेपाली रुपये मिलते हैं। हालांकि बैंक या एक्सचेंज काउंटर पर लेन-देन के दौरान कमीशन कटने के बाद यह राशि 158-159 नेपाली रुपये तक रह जाती है।

भारतीय उच्च मूल्य के नोटों पर लगी रोक हटने से सीमा व्यापार, पर्यटन और आम लोगों की आवाजाही को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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