- रिपोर्ट- विनोद मित्तल
हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सेक्टर-3 के एफआरयू-2 अस्पताल में गर्भवती महिला की अस्पताल गेट पर डिलीवरी होने के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। हेल्थ डिपार्टमेंट की कार्रवाई के विरोध में अस्पताल स्टाफ और आशा वर्कर्स धरने पर बैठ गए हैं।
जानकारी के अनुसार मामले में लापरवाही मानते हुए विभाग ने एक नर्स का बिना वेतन गांव फतेहपुर तगा में ट्रांसफर कर दिया। वहीं एनएचएम कर्मचारी सुखबीर सिंह को पहले सिविल अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, लेकिन बाद में विभाग की ओर से उसके टर्मिनेशन के आदेश जारी कर दिए गए।
सुखबीर सिंह के टर्मिनेशन के विरोध में अस्पताल कर्मचारियों और आशा वर्कर्स ने मोर्चा खोल दिया है। धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि सुखबीर सिंह का टर्मिनेशन रद्द कर उसे दोबारा नौकरी पर बहाल किया जाए। उनका कहना है कि विभाग चाहे तो उसका किसी अन्य स्थान पर ट्रांसफर कर सकता है, लेकिन नौकरी से निकालना गलत फैसला है।
धरने के चलते अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है। वहीं इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और कर्मचारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।
