सिरसा पुलिस ने सरकारी जमीन हड़पने की साजिश में दूसरा आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा

 ऐलनाबाद 6 अक्टूबर ( एम पी भार्गव ):            जिला पुलिस सिरसा ने सरकारी जमीन हड़पने की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए दूसरा मुख्य आरोपी महावीर पुत्र झाबर सिंह, निवासी माखुसरानी, तहसील नाथूसरी चौपटा, जिला सिरसा को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के साथ सिरसा पुलिस ने सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया  है!
यह मामला वर्ष 2018 का है, जब गांव बरुवाली -II में भाखड़ा बांध विस्थापितों के लिए आरक्षित आबादी क्षेत्र के प्लाट नंबर 83 की रजिस्ट्री (संख्या 1960, दिनांक 10.07.2018) में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया। जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी मंजीत सिंह पुत्र रुमाल सिंह ने तहसील कार्यालय नाथूसरी चौपटा के कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर रजिस्ट्री में रकबा 16 मरले 4 सिरसाई के स्थान पर 118 कनाल 16 मरले दर्शाकर सरकारी जमीन हड़पने की कोशिश की। इस गंभीर अपराध के आधार पर उपायुक्त रिसैटलमेंट फतेहाबाद की शिकायत पर थाना नाथूसरी चौपटा में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी, और 201 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने पहले मुख्य आरोपी मंजीत सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था। ताजा जांच में मंजीत सिंह के खुलासे के आधार पर सह-आरोपी महावीर को तफ्तीश में शामिल किया गया। पूछताछ के दौरान महावीर ने स्वीकार किया कि उसने वर्ष 2018 में तहसील कार्यालय नाथूसरी चौपटा से बही संख्या 2673 निकालकर मंजीत सिंह को उपलब्ध करवाई थी, जिसके आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। पर्याप्त सबूतों के आधार पर महावीर को विधिवत गिरफ्तार किया गया और आज उसे अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सिरसा पुलिस की यह कार्रवाई सरकारी जमीन से संबंधित फर्जीवाड़ों पर नकेल कसने और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश देने की दिशा में महत्वपूर्ण है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस तरह के अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
जिला पुलिस सिरसा जनता से अपील करती है कि सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग से संबंधित किसी भी जानकारी को तुरंत पुलिस के साथ साझा करें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके

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