Lok Sabha Survey: सांसदों के रिपोर्ट कार्ड में सुनीता दुग्गल को 72 प्रतिशत लोगों की पसंद, सैलजा को मिले केवल 20 प्रतिशत अंक
प्रेसवार्ता के सर्वे में पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल के कार्यकाल और जनसंपर्क की सराहना, मौजूदा सांसद कुमारी सैलजा के प्रदर्शन पर उठाए सवाल
Sirsa Lok Sabha Survey ( डॉ एम पी भार्गव- विशेष संवाददाता ): हरियाणा का आरक्षित लोकसभा क्षेत्र सिरसा राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रखता है। पंजाब की सीमा से सटे इस संसदीय क्षेत्र में तीन जिलों के नौ विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इनमें जींद जिले का नरवाना, फतेहाबाद जिले के टोहाना, फतेहाबाद और रतिया तथा सिरसा जिले के डबवाली, कालांवाली, सिरसा, रानियां और ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसदों के कार्यकाल और उनके विकास कार्यों को लेकर प्रेसवार्ता की ओर से किए गए एक सर्वे में पूर्व भाजपा सांसद सुनीता दुग्गल को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आने का दावा किया गया है।
सर्वे के अनुसार, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल के कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों को 72 प्रतिशत लोगों ने सराहा, जबकि मौजूदा कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा के कार्यकाल को केवल 20 प्रतिशत लोगों ने उचित माना। हालांकि, सर्वे में शामिल लोगों की कुल संख्या, सर्वे की अवधि और विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।
Lok Sabha Survey: क्षेत्र का रहा है लंबा राजनीतिक इतिहास
सिरसा संसदीय क्षेत्र से अलग-अलग राजनीतिक दलों के उम्मीदवार सांसद बनते रहे हैं। कांग्रेस की कुमारी सैलजा इस क्षेत्र से तीसरी बार सांसद चुनी गई हैं। उनके पिता स्वर्गीय दलबीर सिंह चार बार सांसद रहे। कांग्रेस के अशोक तंवर भी एक बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त स्वर्गीय आत्मा सिंह गिल भी सांसद रहे हैं।
अन्य दलों की बात करें तो जनता पार्टी से चांद राम, लोकदल से स्वर्गीय हेतराम, चरणजीत सिंह रोड़ी, सुशील इंदौरा और भाजपा से सुनीता दुग्गल इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। समय के साथ कई नेताओं ने अपनी राजनीतिक पार्टी बदली, जबकि कुछ नेता सक्रिय राजनीति से दूर हो गए।
Lok Sabha Survey: सुनीता दुग्गल के जनसंपर्क की चर्चा
सर्वे में पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल के कार्यकाल, आमजन से संपर्क और लोगों की समस्याओं के समाधान के प्रयासों को उनकी लोकप्रियता का प्रमुख आधार बताया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सांसद पद पर नहीं होने के बावजूद दुग्गल क्षेत्र में सक्रिय हैं और भाजपा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए हुए हैं।
लेख में यह भी कहा गया है कि केंद्र और हरियाणा में भाजपा की सरकार होने के कारण लोगों को दुग्गल से क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की उम्मीद रहती है। उनके समर्थक उनके कार्यकाल को सिरसा लोकसभा क्षेत्र के लिए लाभकारी बताते हैं।
Lok Sabha Survey: रेल सुविधाओं को लेकर मिला पहचान का श्रेय
सिरसा लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों को रेल सुविधाओं के माध्यम से दूसरे राज्यों से जोड़ने के प्रयासों के संदर्भ में सुनीता दुग्गल को ‘रेल सखी’ कहे जाने का उल्लेख किया गया है। डबवाली, ऐलनाबाद, सिरसा, टोहाना, नरवाना और जाखल के यात्रियों के लिए रेल संपर्क का विषय क्षेत्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण रहा है।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में सुनीता दुग्गल ने सिरसा सीट पर बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें करीब साढ़े तीन लाख मतों के अंतर से जीत मिलने का उल्लेख करते हुए लेख में दावा किया गया है कि उन्होंने संसदीय क्षेत्र के सभी विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त हासिल की थी।
Lok Sabha Survey: 2024 में बदला राजनीतिक समीकरण
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सुनीता दुग्गल की जगह अशोक तंवर को उम्मीदवार बनाया था। इस चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा और कांग्रेस की कुमारी सैलजा विजयी रहीं। लेख में टिकट बदलने के फैसले को भाजपा के लिए नुकसानदायक बताते हुए इसे पार्टी के राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा गया है।
सुनीता दुग्गल के समर्थकों का मानना है कि चुनाव हारने के बावजूद उनकी क्षेत्र में सक्रियता और जनसंपर्क कमजोर नहीं हुआ है। इसी आधार पर लेख में उन्हें ऐसी नेता के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिनकी राजनीतिक प्रासंगिकता चुनावी हार के बाद भी बनी हुई है।
Lok Sabha Survey: जनअपेक्षाओं पर खरा उतरने की चुनौती
कुमारी सैलजा के सामने अब क्षेत्र की जनता की अपेक्षाओं को पूरा करना, विकास कार्यों को गति देना और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी भूमिका निभाना महत्वपूर्ण है। सर्वे में उनके कार्यकाल को लेकर कम सकारात्मक प्रतिक्रिया का दावा किया गया है। हालांकि, किसी सांसद के प्रदर्शन का निष्पक्ष आकलन करने के लिए सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, संसद में उठाए गए मुद्दों और क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों जैसे मानकों पर भी विचार करना आवश्यक है।
कुल मिलाकर, प्रेसवार्ता के इस सर्वे में पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल को लेकर सकारात्मक जनधारणा का दावा किया गया है, जबकि मौजूदा सांसद कुमारी सैलजा के सामने अपने कामकाज के जरिए जनता का विश्वास मजबूत करने की चुनौती बताई गई है। सर्वे के विस्तृत आंकड़े सामने आने पर सिरसा लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं की राय और सांसदों के प्रदर्शन की अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकती है।
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