रामपुर जनपद में 18 जुलाई तक धारा-163 लागू है। जिला प्रशासन ने टीजीटी परीक्षा और मोहर्रम को देखते हुए बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन, जुलूस, रैली, पदयात्रा, ड्रोन संचालन, सर्कस, उर्स और मेलों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।
लेकिन सवाल यह है कि जब पूरे जिले में निषेधाज्ञा लागू है, तब थाना गंज क्षेत्र के सैजनी नानकर में उर्स मेले का आयोजन कैसे हो रहा है?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा केवल तीन दिवसीय उर्स की अनुमति दी गई थी, लेकिन उसके बावजूद मेले का विस्तार किया जा रहा है और कई गतिविधियां बिना अनुमति संचालित हो रही हैं।
यह भी पढ़ें- अमृतसर के दुर्गियाना मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
जानकारी के अनुसार, एसडीएम सदर ने सीओ सिटी और थाना गंज प्रभारी को मेले को बंद कराने के निर्देश भी दिए थे। इसके बावजूद मेला जारी रहने से प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जिला प्रशासन और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी है, तो आखिर नियमों का पालन क्यों नहीं कराया जा रहा? क्या धारा-163 केवल कागजों तक सीमित है या फिर नियम सभी के लिए समान हैं?
फिलहाल, मामले को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा का माहौल है और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
