मानसून सत्र: आयुष क्षेत्र में हरियाणा के हितों को लेकर राज्य सभा में संजय भाटिया की प्रभावी पैरवी
आयुष अनुसंधान, चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण एवं एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं पर केंद्र सरकार ने संसद में दी विस्तृत जानकारी
चंडीगढ़, हरियाणा 29 जुलाई एम पी भार्गव): संसद के मानसून सत्र में राज्य सभा सांसद एवं करनाल के पूर्व लोकसभा सांसद संजय भाटिया ने जनहित से जुड़े मुद्दों को लगातार प्रमुखता से उठाते हुए इस बार हरियाणा में आयुष क्षेत्र के विकास, अनुसंधान, चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण, एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं तथा केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न राज्य सभा में रखा। उनके प्रश्न के उत्तर में आयुष मंत्रालय ने हरियाणा सहित देशभर में आयुष प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का विस्तृत ब्यौरा सदन में प्रस्तुत किया।
आयुष मंत्रालय ने बताया कि वर्ष 2021-22 से संचालित “आयुष्मान” केंद्रीय क्षेत्र की योजना के माध्यम से आयुष प्रणाली को अनुसंधान, शिक्षा, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और नवाचार के जरिए मजबूत किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत आयुष में क्षमता निर्माण एवं सतत चिकित्सा शिक्षा (CME), अनुसंधान एवं नवाचार तथा आयुर्वेद जीव विज्ञान एकीकृत स्वास्थ्य अनुसंधान (ABIHR) जैसे प्रमुख घटकों पर कार्य किया जा रहा है।
संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत हरियाणा के आयुष संस्थानों को छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए 36 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इसका उद्देश्य आयुष चिकित्सकों के कौशल विकास, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है।
संजय भाटिया ने हरियाणा में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) अथवा आयुष उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाने की संभावनाओं पर भी केंद्र सरकार से जानकारी मांगी। इसके उत्तर में सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में हरियाणा में AIIA अथवा आयुष उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
आयुष मंत्रालय ने यह भी बताया कि 11 मई 2023 को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और आयुष मंत्रालय के बीच हुए समझौता ज्ञापन के बाद आयुष आधारित अनुसंधान को नई गति मिली है। इसी सहयोग के अंतर्गत एनीमिया के उपचार पर बहु-केंद्रीय नैदानिक अध्ययन पूरा किया गया, जिसमें एम्स, नई दिल्ली की बल्लभगढ़ स्थित इकाई भी अध्ययन केंद्र के रूप में शामिल रही।
केंद्र सरकार ने संसद को यह भी अवगत कराया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत आयुष सेवाओं को मुख्यधारा की स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। इसके अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला अस्पतालों में आयुष सेवाओं का सह-स्थापन किया जा रहा है, ताकि नागरिकों को सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण एकीकृत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
