सफाई कर्मचारियों की हड़ताल सरकार की वादाखिलाफी और गलत नीतियों का परिणाम: कुमारी सैलजा

प्रदेश की सड़कों पर हजारों टन कचरा, बरसाती मौसम में बीमारियां फैलने का खतरा

Ellenabad, August 8 (एम पी भार्गव): पूर्व केंद्रीय मंत्री व सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने प्रदेश में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को सरकार की वादाखिलाफी और गलत नीतियों का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों से संवाद नहीं किया जिसके कारण आज प्रदेश में हालात खराब हैं।

कुमारी सैलजा ने प्रेस बयान में कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण प्रदेश में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। पिछले 11 दिनों से कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इससे शहरों में जगह-जगह कचरा के ढेर लग गए हैं। अकेले शहर में ही करीब 2200 टन कचरा सड़कों पर पड़ा हुआ है। बरसाती मौसम में इस कचरे के कारण बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है।

कर्मचारियों की मुख्य मांगें
सैलजा के अनुसार कर्मचारियों की मुख्य मांगें हैं – 11 हजार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना और वेतन में बढ़ोतरी करना। उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि सरकार ने चुनाव से पहले कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया था, लेकिन अब उस वादे को पूरा नहीं किया जा रहा।

सरकार से वार्ता का आग्रह
कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों से टकराव छोड़कर संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहिए। सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह कर्मचारियों के साथ बैठकर उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक निर्णय ले।

सैलजा ने कहा कि सफाई कर्मचारियों ने हमेशा तन, मन से सेवा की है। कोरोना काल में भी उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर शहरों की सफाई की थी। लेकिन आज भी हजारों कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सरकार को चाहिए कि वह सफाई कर्मचारियों के साथ न्याय करे और उनकी पक्की भर्ती, वेतनमान और नियमितीकरण की मांगों को माने।

सफाई व्यवस्था ठप
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण प्रदेश की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। सड़कों, बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों में जगह-जगह कचरा पड़ा है। नालों की सफाई नहीं हो रही जिससे जलभराव की स्थिति बन रही है। इससे डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार को तुरंत इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिए और कर्मचारियों के साथ बातचीत कर समस्या का समाधान निकालना चाहिए.

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.