- रिपोर्ट: प्राची सिंह
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार Meenakshi Natarajan के नामांकन पत्र को रद्द किए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 12 जून को सुनवाई करेगा। शीर्ष अदालत ने मामले की त्वरित सुनवाई की मांग स्वीकार करते हुए इसे अगले दिन के लिए सूचीबद्ध किया है।
जस्टिस Prashant Kumar Sharma और जस्टिस Atul S. Chandurkar की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी।
सुनवाई के दौरान नटराजन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता Abhishek Manu Singhvi ने अदालत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 11 जून है और यदि मामले पर शीघ्र सुनवाई नहीं हुई तो उम्मीदवार को अगले छह वर्षों तक इंतजार करना पड़ सकता है।
वहीं, रिटर्निंग अधिकारी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता Mukul Rohatgi ने याचिका का विरोध किया और रिटर्निंग अधिकारी के निर्णय का समर्थन किया।
याचिका में मीनाक्षी नटराजन ने अपने नामांकन पत्र को खारिज करने के फैसले को गलत, पक्षपातपूर्ण और कानून के विपरीत बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि रिटर्निंग अधिकारी का निर्णय तथ्यों और नियमों के अनुरूप नहीं है।
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सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से राज्यसभा चुनाव परिणाम पर अंतरिम रोक लगाने की भी मांग की गई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की विस्तृत सुनवाई 12 जून को की जाएगी।
दरअसल, भाजपा की ओर से उठाई गई आपत्तियों के बाद रिटर्निंग अधिकारी ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द कर दिया था। आरोप है कि उन्होंने अपने नामांकन के साथ दाखिल शपथपत्र में तेलंगाना में लंबित एक कानूनी मामले का उल्लेख नहीं किया था।
हालांकि, नटराजन ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि हैदराबाद की अदालत में दायर याचिका का इस्तेमाल उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है।
अब इस मामले पर सभी की नजरें 12 जून को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां नामांकन रद्द करने के फैसले की वैधता पर महत्वपूर्ण फैसला सामने आ सकता है।
