राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला, बोले- सुझाव नहीं, छात्रों की मांग है धर्मेंद्र प्रधान को हटाया जाए
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की है। जानिए प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी की तीन प्रमुख मांगें।
Rahul Gandhi : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया वीडियो संदेश पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों की प्राथमिक मांग सुझाव देना नहीं, बल्कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की वास्तविक मांगों को नजरअंदाज कर रही है।
शनिवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार वीडियो संदेश जारी कर छात्रों से मिले सुझावों की बात कर रहे हैं, जबकि छात्र शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों पर जवाब चाहते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की स्पष्ट मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाया जाए।
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार यदि धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर किसी अन्य मंत्रालय में भेजने की सोच रही है, तो यह स्वीकार्य नहीं होगा। उनके अनुसार, शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और छात्रों के भविष्य को हुए नुकसान की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और इसके लिए शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना होगा।
कांग्रेस नेता ने अपनी पहली मांग दोहराते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को केवल मंत्रालय बदलना नहीं, बल्कि मंत्रिमंडल से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में हुए कथित भ्रष्टाचार और छात्रों के साथ हुए अन्याय के प्रतीक धर्मेंद्र प्रधान बन चुके हैं।
राहुल गांधी ने दूसरी मांग रखते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान जिन हजारों छात्रों के साथ कथित तौर पर मारपीट, धमकी और दुर्व्यवहार किया गया, उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों की जवाबदेही तय कर उन्हें दंडित किया जाना चाहिए।
उन्होंने तीसरी मांग के रूप में कहा कि पूरे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छात्रों और देश के भविष्य के साथ हुए घटनाक्रम के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार रात जारी एक वीडियो संदेश में छात्रों और युवाओं का धन्यवाद देते हुए कहा था कि उन्हें बड़ी संख्या में सकारात्मक सुझाव प्राप्त हुए हैं और सरकार युवाओं के साथ संवाद को आगे भी जारी रखेगी।
