मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का विकास भवन में हुआ लाइव प्रसारण, उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां सम्मानित
अति कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने वाली माताओं एवं कार्यकत्रियों का सम्मान
- रिपोर्ट: शाहबाज़ खां
Rampur: आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां केवल बच्चों एवं महिलाओं को पुष्टाहार वितरित करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने, अति कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें सामान्य पोषण श्रेणी में लाने, टीकाकरण में सहयोग करने तथा बच्चों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
अयोध्या में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का विकास भवन सभागार में लाइव प्रसारण किया गया। इस अवसर पर मिलक विधायक राजबाला सिंह, जिला पंचायत प्रशासक ख्याली राम लोधी, मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चन्द्र सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां उपस्थित रहीं। सभी ने मुख्यमंत्री जी के संबोधन का लाइव प्रसारण देखा और उनके उद्बोधन को सुना। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सम्मानित किया गया।
रामपुर शहर के शक्तिपुरम आंगनबाड़ी केंद्र की एकता तथा चमरौआ विकासखंड के पत्थरखेड़ा आंगनबाड़ी केंद्र की रचना अग्रवाल को उनके उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया। अतिथियों ने दोनों कार्यकत्रियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी तथा भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में अति कुपोषित श्रेणी से सामान्य पोषण श्रेणी में पहुंचे आठ बच्चों की माताओं को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। साथ ही संबंधित आठ आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकत्रियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। बच्चों को खिलौने भी वितरित किए गए।
इस अवसर पर अतिथियों ने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की तथा आईसीडीएस विभाग द्वारा विकास भवन में लगाए गए पुष्टाहार स्टॉलों का निरीक्षण कर पोषण संबंधी गतिविधियों की जानकारी ली।
अतिथियों ने कहा कि बच्चों को अति कुपोषण से सामान्य पोषण की स्थिति में लाना परिवार, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं विभाग के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। बच्चों के स्वस्थ एवं सुपोषित भविष्य के लिए परिवार और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करने के साथ-साथ परिवारों को जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देने के साथ ही कुपोषित बच्चों को सामान्य पोषण श्रेणी में लाने के लिए भी निरंतर प्रयास करती हैं।
सरकार द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए उन्हें 5 लाख रुपये तक के कैशलेस स्वास्थ्य बीमा तथा मानदेय में वृद्धि की घोषणा भी की गई है।
