डीजीपी निर्मल सिंह ने पंचकूला के ‘प्रभावशाली’ थानेदार को किया सस्पेंड, राजनीतिक दबाव के बावजूद नहीं झुके

गुस्ताखी माफ़ हरियाणा – पवन कुमार बंसल

जब तत्कालीन डीजीपी निर्मल सिंह ने वेश्यावृत्ति रैकेट को प्रोत्साहन देने वाले पंचकूला के थानेदार को मुअतल किया – यह जानते हुए कि वो सूबे की सबसे बड़ी राजनीतिक हस्ती का करीबी है।

किस्सा कोई करीब दो दशक पुराना है। निर्मल सिंह को सूचना मिली कि पंचकूला में एक थाने के बाहर खुलेआम वेश्यावृत्ति का धंधा चल रहा है। उन्होंने अपने फ्लाइंग स्क्वाड को छापा मारने भेजा तो सूचना सही पाई गई।

इसी बीच वो थानेदार भी वहां पहुंच गया और फ्लाइंग स्क्वाड के अफसर को कहा कि उसकी सीधी पहुंच ऊपर तक है। फ्लाइंग स्क्वाड ने निर्मल सिंह को बताया तो तुरन्त उसके सस्पेंशन के आदेश दे दिए।

अब जहां पंचकूला में तो निर्मल सिंह के नाम का डंका बजा, लेकिन वो थानेदार अपने आका के दरबार में हाजिर हुआ और निर्मल सिंह की भी शिकायत की।

उस नेता ने, जो आमतौर पर पुलिस के काम में हस्तक्षेप नहीं करता था, निर्मल सिंह को फोन किया तो उन्होंने जवाब दिया “सर पुलिस थाने के सामने खुलेआम वेश्यावृत्ति”।

उस नेता ने कहा कि इस थानेदार के मुझ पर पुराने एहसान है, लेकिन निर्मल सिंह नहीं माने। उस नेता ने एक हफ़्ते बाद फिर कहा तो निर्मल सिंह ने आदेश वापिस ले उसे पुलिस लाइंस में भेज दिया, माने उसकी ओकात बता दी।

जब “गुस्ताखी माफ़ हरियाणा” ने निर्मल सिंह से इस बारे पूछा तो उन्होंने कहा “आप जो कह रहे हो वो ठीक प्रतीत होता है। मसलन मेरे सोर्स की जानकारी ठीक थी”।

निर्मल सिंह के दर्जनों किस्से हरियाणा पुलिस पर मेरी शीघ्र आ रही किताब “इनसाइड स्टोरी ऑफ हरियाणा पुलिस” में मिलेंगे।

 

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