छात्रों के समर्थन में विपक्ष का संसद परिसर में प्रदर्शन, कांग्रेस ने सरकार पर लगाए लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन के आरोप
- रिपोर्ट: सुरजीत सिंह
नई दिल्ली। छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों और विपक्षी नेताओं के साथ पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर संसद परिसर में बुधवार को राजनीतिक माहौल गर्म रहा। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसदों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और छात्रों की मांगों पर सरकार से संवाद शुरू करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे।
‘छात्रों की आवाज सुने सरकार’ : प्रियंका गांधी
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि छात्र अपनी समस्याओं को लेकर शांतिपूर्वक आवाज उठा रहे हैं और सरकार को उनसे बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य देश के भविष्य से जुड़ा है और उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है और उनकी आवाज को संसद से सड़क तक उठाती रहेगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के अधिकार को कमजोर किया जा रहा है।
पुलिस कार्रवाई पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उनके साथ कठोर व्यवहार किया गया।
नसीर हुसैन ने कहा कि छात्रों के समर्थन और पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे हैं।
‘काला दिवस’ के रूप में दर्ज कराया विरोध
कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने कहा कि काले वस्त्र पहनकर किया गया प्रदर्शन विपक्षी नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने विपक्षी सांसदों के साथ अनुचित व्यवहार किया, जिसके विरोध में कांग्रेस ने इसे “काला दिवस” के रूप में मनाया।
शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग
कांग्रेस महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को छात्रों से जुड़े मुद्दों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवालों पर सरकार संतोषजनक जवाब देने में विफल रही है। उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की।
टीएमसी ने भी किया छात्रों का समर्थन
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी ने भी छात्रों के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को सुनना सरकार की जिम्मेदारी है और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
नोट: यह खबर विपक्षी नेताओं द्वारा दिए गए बयानों पर आधारित है। सरकार या दिल्ली पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
