यूरिया-डीएपी की किल्लत और स्मार्ट मीटर के विरोध से पहले कांग्रेस जिलाध्यक्ष निक्कू पंडित नजरबंद, भाजपा सरकार पर लगाए दमन के आरोप
- रिपोर्ट: शाहबाज़ खां
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर 22 जुलाई को प्रस्तावित किसान एवं जनहित आंदोलन से पहले कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रमिल कुमार शर्मा ‘निक्कू पंडित’ ने आरोप लगाया कि उन्हें पुलिस ने मंगलवार देर रात करीब 11:35 बजे उनके आवास पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया।
जिलाध्यक्ष के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर किसानों को खरीफ सीजन में यूरिया और डीएपी खाद की कमी तथा स्मार्ट मीटर के नाम पर बढ़ते बिजली बिलों के विरोध में राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन का कार्यक्रम निर्धारित था। उनका आरोप है कि इस आंदोलन को रोकने और किसानों व आम जनता की आवाज दबाने की मंशा से थाना सिविल लाइंस पुलिस ने उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें नजरबंद कर दिया।
प्रमिल कुमार शर्मा ने कहा कि वह स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, इसके बावजूद आंदोलन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। उन्होंने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दमन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार अपनी नीतियों के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने के लिए विपक्षी नेताओं को नजरबंद कर रही है।
उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन पर इस प्रकार रोक लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका कहना है कि जनता सब देख रही है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से अपना निर्णय देगी।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि वे राहुल गांधी की विचारधारा से प्रेरित होकर किसानों, नौजवानों, मजदूरों और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आगे भी जारी रखेंगे और किसी भी दबाव के आगे झुकेंगे नहीं।
नोट: यह खबर कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमिल कुमार शर्मा ‘निक्कू पंडित’ द्वारा जारी बयान पर आधारित है। पुलिस प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
