Mukhyamantri Krishak Samriddhi Yojana: बदायूं में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ, किसानों को 6 लाख तक का ऋण
Mukhyamantri Krishak Samriddhi Yojana: किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का बुधवार को प्रदेश स्तर पर शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया। बदायूं में योजना का स्थानीय कार्यक्रम डायट स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता मौजूद रहे।
लघु एवं सीमांत किसानों को 6 प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा ऋण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योजना का शुभारंभ किया। बताया गया कि योजना के माध्यम से पात्र किसानों को कृषि कार्यों और आर्थिक विकास के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से लघु एवं सीमांत किसानों को 6 प्रतिशत रियायती ब्याज दर पर अधिकतम 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस वित्तीय सहायता का उद्देश्य किसानों को कृषि से जुड़े आवश्यक कार्यों और संसाधनों के लिए धन उपलब्ध कराना तथा उनकी आय बढ़ाने में मदद करना है।

पांच आदर्श किसानों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक, बदायूं की ओर से जनपद के पांच आदर्श किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने किसानों को मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना की जानकारी दी और पात्र किसानों से योजना का लाभ उठाने की अपील की।
इस दौरान शासन की ओर से संचालित विभिन्न किसान एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।
किसान संगठनों के प्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला सहकारी बैंक बदायूं की उपसभापति रानी सिंह पुंडीर, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक बदायूं के प्रतिनिधि नत्थू लाल वर्मा, यूपीएस बदायूं के निदेशक मनोज कृष्ण गुप्ता, डीसीडीएफ चेयरमैन रविंद्र पाल सिंह, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक बदायूं के वरिष्ठ प्रबंधक प्रवल प्रताप सिंह तथा सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता विवेक कौशल मौजूद रहे।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की विभिन्न शाखाओं के अधिकारी एवं प्रतिनिधि, समितियों के सचिव, किसान संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान कार्यक्रम में शामिल हुए।
