हेरिटेज वॉक के साथ लाली पहाड़ी महोत्सव का सफल समापन—विदेशी इतिहासकार लखीसराय की धरोहरों से हुए मंत्रमुग्ध

  • सरफराज आलम की रिपोर्ट

लखीसराय।तीन दिवसीय लाली पहाड़ी महोत्सव 2025 का गुरुवार को हेरिटेज वॉक के साथ भव्य समापन हुआ। वरीय उपसमाहर्ता एवं प्रभारी कला–संस्कृति पदाधिकारी प्राची कुमारी के नेतृत्व में आयोजित इस वॉक में विदेशी इतिहासकारों, देश भर के शोधकर्ताओं तथा जिले के इतिहास शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
टीम ने लाली पहाड़ी, नोनगढ़ मित्रसेन स्थान और सतसंडा पहाड़ी के चतुर्भुज स्थान का भ्रमण किया। भगवान विष्णु की चारों दुर्लभ प्रतिमाओं को देखकर विदेशी विशेषज्ञ विशेष रूप से प्रभावित हुए और इन्हें क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि का अनूठा प्रमाण बताया। इसके बाद श्रृंगीऋषि धाम एवं ज्वालपा मंदिर का भी भ्रमण किया गया जहाँ मेहमानों ने स्थानीय व्यंजन लिट्टी-चोखा का स्वाद लेकर संस्कृति की गर्माहट महसूस की।

श्रृंगीऋषि धाम परिसर में जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने डॉ. फिआनो बाकी, डॉ. लक्ष्मी रोज, असंगा तिलकरत्ने सहित विभिन्न विदेशी इतिहासकारों को कॉफी टेबल बुक प्रदान कर सम्मानित किया। डीएम ने कहा कि लखीसराय की धरोहरें वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण हैं और ऐसे आयोजन जिले की ऐतिहासिक पहचान को और मजबूत करते हैं। महोत्सव के समन्वयक प्रो. अनिल कुमार ने सभी स्थलों की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्ता पर विस्तृत जानकारी दी। उपस्थित इतिहासकारों और शिक्षकों ने जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विरासत संरक्षण और जन-जागरूकता को नई दिशा देते हैं। लाली पहाड़ी महोत्सव 2025 सांस्कृतिक धरोहर, लोक परंपरा और इतिहास संरक्षण का सफल एवं प्रभावी आयोजन सिद्ध हुआ।

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